हमीरपुर | ताइक्वांडो में विश्व स्तर की खिलाड़ी आकांक्षा भारत को गोल्ड मेडल दिलाना चाहती हैं। उनका लक्ष्य ताइक्वाडों में चैंपियन बनने का है। इसके लिए वह लगातार मेहनत कर रही हैं। हालांकि स्वर्ण पदक देश की झोली में डालने के सपने को साकार करने के लिए सरकार से प्रोत्साहन की उम्मीद है। इस ताइक्वांडो चैंपियन को सरकार से ‘किक की आस है।
सुजानपुर के जंदड़ू की रहने वाली आकांक्षा जो कि इंडियन नेशनल टीम की सदस्य रही हैं, विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी ‘किक की पावर और रफ्तार साबित कर चुकी आकांक्षा बड़े स्तर पर देश को गोल्ड दिलाने का सपना लेकर चल रही है। आकांक्षा वर्ष 2026 में जापान में होने वाली एशियन गेम्स में पार्टिसिपेट करने के अलावा 2028 में यूएसए में प्रस्तावित ओलंपिक खेलों में देश के लिए खेलकर स्वर्ण पदक जीतना चाहती हैं, लेकिन साधारण से परिवार से ताल्लुक रखने वाली इस बेटी के कदमों में आर्थिक तंगी की बेड़ियां न केवल उसे कई तरह के समझौते करने पर मजबूर कर रही हैं बल्कि उसके कदमों को आगे बढ़ने से रोक रही हैं। आकांक्षा जोकि लखनऊ के साई में ट्रेनिंग कर रही थी आजकल हरियाणा के पंचकूला स्थित इंडिया टीम के मु य कोच राजेंद्र सिंह के अंडर कोचिंग ले रही हैं।
गौरतलब है कि हमीरपुर कॉलेज से बीएससी करने वाली आकांक्षा ने अपने ढाई साल के सफर में कई अचीवमेंट हासिल की हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो ताइक्वांडों इवेंट में हिस्सा ले चुकी हैं। वर्ष 2023 में तामिलनाडू में आयोजित प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। वर्ष 2024 में साउथ कोरिया के चुनचेओन में ताइक्वांडो की वल्र्ड मिक्स टीम और फीमेल टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। 2025 में उत्तराखंड में आयोजित नेशनल गे स में पार्टिसिपेट कर चुकी हैं। इसके अलावा महाराष्ट्रा, उत्तरप्रदेश और पंजाब आदि राज्यों में होने वाली प्रतियोगिताओं में कई बार कांस्य और सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।