तेहरान। ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार की नीतियों की आलोचना करने वाले तीन प्रमुख बुद्धिजीवियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने चारों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त कर लिए हैं।
निजी और सुधारवादी रुख रखने वाले दैनिक अखबार शार्घ ने जानकारी दी कि गिरफ्तार व्यक्तियों में वरिष्ठ पत्रकार परवेज़ सेदाघात (61), समाजशास्त्री महसा असदुल्लाहनेजाद, और अनुवादक शिरीन करीमी शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने इन तीनों के घरों पर अलग-अलग अभियानों में छापेमारी की।
अखबार के अनुसार, 53 वर्षीय अर्थशास्त्री मोहम्मद मालजौ को भी सुरक्षा अधिकारियों के समक्ष पेश होने के लिए बुलाया गया था। हालांकि, उनके स्वेच्छा से घर से निकलने के बाद से उनका कोई पता नहीं चला है। सूत्रों के मुताबिक, ये चारों ही इस्लामी गणराज्य की मौजूदा धर्मतंत्रीय शासन प्रणाली के वामपंथी आलोचक माने जाते हैं।
यह पहली बार है जब हाल के वर्षों में वामपंथी विचारधारा से जुड़े शोधकर्ताओं को एक साथ निशाने पर लिया गया है। हालांकि, ईरान में असहमति रखने वाले बुद्धिजीवियों और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी कोई नई बात नहीं है।
सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने इन गिरफ्तारियों पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है। गिरफ्तारी से पहले मालजौ ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लोगों से “युद्ध और विभाजन का विरोध करने” तथा “ईरान के अलोकतांत्रिक धर्मतंत्र को समाप्त करने” की अपील की थी।