मिस्र | मिस्र, जो अपनी रहस्यमयी सभ्यता और भव्य पिरामिडों के लिए जाना जाता है, अब एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए चर्चा में है। गीज़ा के प्रसिद्ध पिरामिडों के समीप ग्रैंड इजिप्शियन म्यूज़ियम (Grand Egyptian Museum – GEM) अब आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा पुरातात्त्विक संग्रहालय बताया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी समेत कई देशों के गणमान्य नेता मौजूद रहे।
किंग तूतनखामेन के खज़ाने एक ही छत के नीचे
म्यूज़ियम में एक लाख से अधिक ऐतिहासिक अवशेष प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें सबसे खास हैं राजा तूतनखामेन (King Tutankhamun) से जुड़ी 5,000 से अधिक वस्तुएं — जिनमें उनका स्वर्ण मुखौटा, आभूषण, रथ, हथियार और धार्मिक वस्तुएं शामिल हैं। लगभग 3,300 साल पुरानी कब्र से मिले इन खजानों को पहली बार एक ही जगह प्रदर्शित किया गया है।
दो दशक में बनी मिस्र की सांस्कृतिक पहचान
ग्रैंड इजिप्शियन म्यूज़ियम की नींव 2000 के दशक की शुरुआत में रखी गई थी, जिसका उद्देश्य मिस्र की सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक स्वरूप में दुनिया के सामने लाना था। करीब 1 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बना यह म्यूज़ियम 20 साल में तैयार हुआ। राजनीतिक अस्थिरता और महामारी के बावजूद 2025 में इसे जनता के लिए खोला गया।
स्थापत्य का अद्भुत नमूना
यह म्यूज़ियम गीज़ा के महान पिरामिडों के सामने स्थित है। इसकी वास्तुशिल्पीय डिजाइन में आधुनिकता और प्राचीन मिस्री कला का अनोखा मेल है।
यहां आगंतुक 3D प्रोजेक्शन, वर्चुअल रियलिटी और इंटरएक्टिव डिस्प्ले के ज़रिए इतिहास को जीवंत रूप में महसूस कर सकते हैं।
वैश्विक सहयोग और पर्यटन में उछाल की उम्मीद
इस परियोजना में मिस्र सरकार, जापान (JICA), और यूनेस्को सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का सहयोग रहा।
मिस्र सरकार को उम्मीद है कि यह म्यूज़ियम न केवल देश की संस्कृति और इतिहास को नया जीवन देगा, बल्कि पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगा।
इतिहास का पुनर्जागरण
गीज़ा के पिरामिडों की पृष्ठभूमि में चमकता यह ग्रैंड म्यूज़ियम इस बात की गवाही देता है कि — “इतिहास कभी मिटता नहीं, वह बस नए रूप में लौटता है।”