नई दिल्ली। कैरेबियाई क्षेत्र में तूफान मेलिसा ने भारी तबाही मचाई, जिससे जमैका और क्यूबा में जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है। इस संकट के बीच भारत ने एक बार फिर मानवीय सहयोग की मिसाल पेश की है। भारत सरकार ने इन दोनों देशों को राहत और आपदा सहायता सामग्री भेजी है।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि भारतीय वायुसेना के सी-17 विमान के जरिए भेजी गई सहायता सामग्री में दवाइयां, चिकित्सा उपकरण, खाद्य सामग्री, बिजली जनरेटर, आश्रय सहायता और स्वच्छता किट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा प्राकृतिक आपदाओं के समय अपने “ग्लोबल साउथ” साझेदारों के साथ खड़ा रहता है।
भारत की इस मदद के लिए क्यूबा और जमैका की सरकारों ने सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया। भारत में क्यूबा के राजदूत ने कहा कि भारत की ओर से भेजी गई चिकित्सा आपूर्ति और अस्पतालों के उपकरणों ने प्रभावित प्रांतों में राहत पहुंचाई है। वहीं, जमैका की विदेश मंत्री कामिना जॉनसन स्मिथ ने कहा कि यह कदम भारत की “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना और दक्षिण-दक्षिण सहयोग की सच्ची मिसाल है। उन्होंने भारत की चिकित्सा टीम और राहत सामग्रियों की सराहना की।
डॉ. जयशंकर ने उनके संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “भारत हमेशा अपने साझेदार देशों के साथ एकजुटता से खड़ा रहेगा।”
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, मेलिसा पिछले 150 वर्षों में इस क्षेत्र का सबसे शक्तिशाली अटलांटिक तूफान रहा है, जिसने गंभीर बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे की क्षति पहुंचाई है। भारत ने 6 नवंबर को करीब 20 टन मानवीय सहायता सामग्री किंग्स्टन भेजकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से मानवीय नेतृत्व का परिचय दिया है।