मंडी। सरदार पटेल यूनिवर्सिटी (एसपीयू) मंडी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) को छात्रों के बीच प्रभावी ढंग से प्रसारित करने के लिए नई पहल की है। अब विश्वविद्यालय में केवल प्राध्यापक ही नहीं, बल्कि छात्र भी इस मुहिम का हिस्सा बनेंगे। इसके लिए एसपीयू में एक छात्र समिति (एससीए) गठित की जा रही है, जो एनईपी से जुड़ी जानकारी कॉलेज स्तर पर छात्रों तक पहुंचाएगी।
कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने बताया कि बीती 6 अक्टूबर को आयोजित “विकसित भारत” विषय पर संगोष्ठी के बाद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि संगोष्ठी के दौरान छात्रों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में गहरी रुचि दिखाई और अपनी भागीदारी की इच्छा जताई। इसी सकारात्मक रुझान को देखते हुए अब 10 छात्रों की एससीए समिति बनाई जाएगी, जो शिक्षकों के साथ मिलकर एनईपी की मुख्य अवधारणाओं को समझाने का कार्य करेगी।
प्रो. अवस्थी ने बताया कि अब तक विश्वविद्यालय में केवल प्राध्यापकों की समितियां ही बनाई जाती थीं, लेकिन नई पहल के तहत छात्रों की भूमिका भी जोड़ी जा रही है ताकि एनईपी 2020 के उद्देश्य — सहभागिता और जागरूकता — को मजबूत किया जा सके।
कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने कहा – “छात्र विश्वविद्यालय की रीढ़ हैं। जब वे स्वयं राष्ट्रीय शिक्षा नीति की गहराई समझेंगे, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा।”
बता दें कि यह निर्णय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, दिल्ली और सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विषयक संगोष्ठी के बाद लिया गया। संगोष्ठी में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अवस्थी ने की थी।