काबुल। अफगानिस्तान में एक बार फिर धरती कांप उठी। शनिवार सुबह आए 4.4 तीव्रता के भूकंप ने लोगों में दहशत फैला दी। यह एक सप्ताह के भीतर तीसरा झटका है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र 180 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
एनसीएस ने अपने आधिकारिक पोस्ट में बताया — “08 नवंबर 2025 को सुबह अफगानिस्तान में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।” इससे पहले शुक्रवार को भी 4.4 तीव्रता का झटका महसूस किया गया था, जो सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इतनी कम गहराई वाले भूकंप अधिक विनाशकारी हो सकते हैं क्योंकि इनके झटके सतह तक पूरी ताकत से पहुंचते हैं।
गौरतलब है कि 4 नवंबर को उत्तरी अफगानिस्तान में आए 6.3 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में 27 लोगों की मौत और 950 से अधिक घायल हुए थे। यह भूकंप मजार-ए-शरीफ शहर के पास उथली गहराई में आया था, जिससे कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और ऐतिहासिक मस्जिद को भी नुकसान पहुंचा था।
भूवैज्ञानिक विशेषज्ञों का कहना है कि अफगानिस्तान का हिंदू कुश पर्वतीय क्षेत्र अत्यंत सक्रिय भूकंपीय इलाका है, जहां भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के टकराव के कारण हर साल भूकंप आते रहते हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (UNOCHA) ने चेताया है कि दशकों के संघर्ष और अविकास से जूझ रहे अफगानिस्तान पर ऐसी प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव और अधिक गंभीर होता जा रहा है।