जम्मू-कश्मीर | जम्मू-कश्मीर में शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब बनिहाल-बारामूला रेल मार्ग पर चलती ट्रेन के विंडशील्ड से एक बाज (चील) टकरा गया। इस टक्कर से ट्रेन का शीशा टूट गया और लोको पायलट को हल्की चोटें आईं। रेलवे अधिकारियों ने तत्काल ट्रेन को रोककर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
हादसे की पूरी जानकारी
घटना बिजबेहरा और अनंतनाग रेलवे स्टेशनों के बीच की है। ट्रेन तेज रफ्तार से गुजर रही थी, तभी अचानक बाज सामने से आ टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इंजन का विंडशील्ड क्षतिग्रस्त हो गया। लोको पायलट विशाल को मामूली चोटें आईं, जिन्हें तुरंत अनंतनाग रेलवे स्टेशन पर प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन को तत्काल रोका गया और इंजन की तकनीकी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा, “यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं और ट्रेन को तभी आगे बढ़ाया जाएगा जब पूरी तरह से सुरक्षित पाया जाएगा।”
रेल परियोजनाओं की स्थिति
वर्तमान में वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा कटरा (रियासी) और कश्मीर के बीच संचालित की जा रही है। उत्तर रेलवे के अधिकारी ने बताया कि जम्मू रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और ट्रैक अपग्रेडेशन का कार्य इस महीने के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद जम्मू से कश्मीर घाटी तक सीधी रेल सेवा शुरू करने की योजना है।
भारत की सबसे कठिन रेल परियोजना
जम्मू-कश्मीर की रेल परियोजना — उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) — भारतीय रेलवे की सबसे चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। यह 272 किलोमीटर लंबी लाइन 36 सुरंगों और 943 पुलों से होकर गुजरती है। इसमें रियासी जिले में स्थित चिनाब रेलवे पुल भी शामिल है, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल है — एफिल टॉवर से भी ऊंचा। इसके अलावा, देश का पहला केबल-स्टेड अंजी खाद पुल भी इसी परियोजना का हिस्सा है।