चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने तहसीलों में जमीन की कागज रहित रजिस्ट्री प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए नया निर्देश जारी किया है। अब पोर्टल पर जमा किए गए दस्तावेज त्रुटिपूर्ण पाए जाने पर उन्हें वापस करने का समय कम किया जाएगा और सभी दस्तावेज स्वचालित रूप से 72 घंटे तक सुरक्षित रहेंगे।
प्रमुख सुधार और सुविधाएँ:
- त्रुटिपूर्ण दस्तावेजों की वापसी का समय कम होगा, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया तेज होगी।
- सभी दस्तावेज 72 घंटे तक सुरक्षित रहेंगे और इस दौरान पंजीकरण शुल्क एक बार ही भरना होगा।
- प्रत्येक तहसील में हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे और नोडल अधिकारी ऑनलाइन रजिस्ट्री में नागरिकों की सहायता करेंगे।
- राज्य स्तरीय हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया जाएगा।
- तकनीकी टीम उपायुक्तों द्वारा उठाई गई समस्याओं का तुरंत समाधान करेगी।
- नियम व शर्तें विस्तृत रूप में उपलब्ध रहेंगी, और आपत्ति के समय किसी भी भौतिक दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी।
- जीपीए मामलों में उपस्थिति स्वचालित रूप से दर्ज होगी और एक ही लेनदेन में कई पक्षों का समर्थन संभव होगा।
आवेदन और स्वीकृति का आंकड़ा:
1 से 12 नवंबर तक प्रदेश में 5334 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए, जिनमें से 2110 विलेख स्वीकृत किए गए।
- 915 आवेदन प्रक्रिया में थे।
- 611 आवेदन उप-पंजीयकों द्वारा स्वीकृत।
- 626 दस्तावेज तकनीकी त्रुटियों के कारण अस्वीकृत।
- 308 भुगतान ऑनलाइन संसाधित और 387 रद्द किए गए।
जिलावार प्रदर्शन:
- कुरुक्षेत्र: 810 आवेदन, 524 स्वीकृत – सबसे आगे।
- महेंद्रगढ़: 428 आवेदन, 205 स्वीकृत।
- करनाल: 409 आवेदन, 208 स्वीकृत।
- जींद: 384 आवेदन, 131 स्वीकृत।
- फरीदाबाद, गुरुग्राम और यमुनानगर में भी रजिस्ट्रियों में वृद्धि, जबकि सिरसा, चरखी दादरी और पानीपत में सुधार की आवश्यकता।
वीडियो कांफ्रेंसिंग समीक्षा:
वित्तायुक्त राजस्व डाॅ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेपरलेस पंजीकरण प्रणाली की प्रगति और क्षेत्र-स्तरीय कार्यप्रणाली की समीक्षा की। अधिकारियों को तहसील कर्मचारियों, उप-पंजीयकों और डीड लेखकों के लिए नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।