कुरुक्षेत्र | कुरुक्षेत्र जिले में एक अनोखी और विवादित घटना सामने आई है, जहां पुलिस ने मृतक की शिकायत पर एक युवक को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
यह मामला मादक पदार्थों से जुड़ा है। आरोपी कुरुक्षेत्र निवासी पाला राम ने अपनी हिरासत को चुनौती दी है। जस्टिस सुवीर सहगल की एकल पीठ ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर के लिए सूचीबद्ध कर दी। अदालत ने एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत हिरासत आदेश जारी करने में अपनाई गई प्रक्रिया और समय-सीमा की भी जानकारी मांगी है।
गिरफ्तारी का विवरण
थानेसर की इंदिरा कॉलोनी के 46 वर्षीय पाला राम को 19 जून को कृष्णा गेट पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने उनके घर से गिरफ्तार किया। याचिका में राम ने दावा किया कि यह गिरफ्तारी अवैध थी, क्योंकि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्ट कारण के सोते समय उठाया गया। याचिका में 3 आदेशों को रद्द करने की मांग की गई है:
- 28 मई को प्रारंभिक हिरासत
- 28 जुलाई को पली के आवेदन का खारिज होना
- 8 सितंबर को छह महीने की हिरासत की पुष्टि
पृष्ठभूमि और आरोप
पाला राम दिसम्बर 2024 से दो चल रहे एन.डी.पी.एस. मामलों में जमानत पर हैं और उन मामलों में उन्हें कोई मादक पदार्थ नहीं बरामद हुआ। इसके अलावा, उन्हें पहले के दो मामलों में बरी कर दिया गया था और कम मात्रा में गांजा से जुड़े तीन अन्य मामलों में सजा भी पूरी कर चुके हैं।
मुख्य विवाद यह है कि हिरासत 8 नवंबर, 2024 को मृतक राम सिंह की शिकायत पर आधारित थी, जिनका अंतिम संस्कार पहले ही हो चुका था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस द्वारा यह शिकायत मरणोपरांत दर्ज की गई, और इसे दुर्भावनापूर्ण तथा आइनी अधिकारों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य के प्रतिवादियों में हरियाणा गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक और कृष्णा गेट थाना प्रभारी शामिल हैं।