लद्दाख | भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और पड़ोसी देश चीन के झिंजियांग क्षेत्र में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने दोनों भूकंपों की पुष्टि करते हुए उनकी तीव्रता और केंद्र के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की है।
NCS के अनुसार, लद्दाख के लेह क्षेत्र में रविवार प्रातः 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। हालांकि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन झटके महसूस होते ही कई लोग घरों से बाहर निकल आए। लेह क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधि लगातार बनी हुई है। इससे पहले 21 अक्टूबर 2025 को भी यहां दोपहर के समय 3.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र लगभग 90 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया था। लगातार आ रहे झटकों ने स्थानीय निवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
दूसरी ओर, चीन के झिंजियांग क्षेत्र में सोमवार तड़के 1 बजकर 26 मिनट पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप भी केवल 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया था, जिसके कारण झटके कई इलाकों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि सतह के निकट केंद्र वाले भूकंप अपेक्षाकृत अधिक खतरनाक माने जाते हैं, क्योंकि उनकी ऊर्जा सीधे जमीन पर प्रभाव डालती है।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि झिंजियांग क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। पिछले लगभग सौ वर्षों में यहां 6.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले 800 से ज्यादा भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं। लगातार सक्रियता के कारण इस क्षेत्र में भूकंप-रोधी तैयारी को हमेशा उच्च स्तर पर रखा जाता है।
लद्दाख और चीन में आए इन झटकों के बाद वैज्ञानिक स्थिति पर करीबी निगरानी रख रहे हैं। क्षेत्रीय प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की है।