Shimla, 17 November
हिमाचल प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में तैनात प्राध्यापकों के लिए अब मोबाइल एप के माध्यम से ही उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा लागू की गई जियोफेंस आधारित बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच विभाग ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी कर यह स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी है।
राजकीय प्राध्यापक संघ ने इस नई प्रणाली पर गहरी आपत्ति जताई थी और मोबाइल फोन से हाजिरी लगाने से इंकार करते हुए इसे निजता का उल्लंघन बताया था। संघ की ओर से विभिन्न प्रिंसिपलों के माध्यम से शिक्षा निदेशक को ज्ञापन भी भेजे गए थे। इन आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस विभाग से औपचारिक राय मांगी, जो इस प्रणाली के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभाल रहा है।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि प्राध्यापकों की बायोमैट्रिक पहचान आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से की जाएगी और यह डेटा केवल उपस्थिति सत्यापन के लिए ही उपयोग होगा। सभी सूचनाएँ हिमाचल प्रदेश स्टेट डाटा सेंटर में सुरक्षित रूप से संग्रहित रहेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह प्रक्रिया आधार अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और लागू डाटा संरक्षण प्रोटोकॉल के अनुरूप है। इससे निजी जानकारी के दुरुपयोग या बाहरी सर्वरों में लीक होने की संभावना समाप्त हो जाती है।विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि उपस्थिति एप एंड्रायड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। यदि किसी प्राध्यापक के मोबाइल में तकनीकी समस्या आती है, फोन खो जाता है या एप काम नहीं करता, तो वह किसी सहकर्मी के फोन पर अपनी हिम एक्सेस आईडी और पासवर्ड का उपयोग कर लॉग इन करके हाजिरी दर्ज कर सकता है। इससे उपस्थिति प्रक्रिया बाधित नहीं होगी।
प्राध्यापक संघ द्वारा उठाई गई चिंताओं पर विभाग का कहना है कि प्रणाली को यथासंभव सरल और सुरक्षित बनाते हुए शिक्षकों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। यह तकनीक न केवल उपस्थिति को पारदर्शी बनाएगी, बल्कि कॉलेजों में कार्य प्रणाली को भी व्यवस्थित करेगी।शिक्षा निदेशक ने सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपलों को निर्देश दिए हैं कि विभाग द्वारा जारी स्पष्टीकरण को संस्थानों के सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षकों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि सरकार के निर्देशों का पूर्ण पालन हर स्थिति में हो।