लोगों ने गिनाईं कमियां और उम्मीदें
Hamirpur, Arvind-:हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, लेकिन जनता का कहना है कि अभी भी कई ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जिन पर तेज़ी से काम करने की जरूरत है। आम लोगों का मानना है कि महंगाई, सड़कें और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को और गंभीरता से कदम उठाने चाहिए ताकि जनता को वास्तविक राहत मिल सके। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के लोगों ने राज्य सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल को लेकर सांझा किए अपने विचार ।
जनता ने गिनाईं कमियां—महंगाई, खराब सड़कें और रोजगार बड़े मुद्दे
हमीरपुर के स्थानीय निवासी अशोक राणा ने बताया कि प्रमुख राष्ट्रीय व राज्यीय मार्गों को छोड़ दिया जाए तो ग्रामीण सड़कों की हालत बेहद दयनीय है। कई सड़कों पर लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई, जिससे रोजाना हजारों लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अशोक ने कहा कि खराब सड़कें दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन चुकी हैं और इनका खामियाजा आम नागरिकों को झेलना पड़ रहा है।अशोक के अनुसार महंगाई भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आवश्यक वस्तुओं, खासकर फल-सब्जियों और रसोई सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि संबंधित विभागों को मूल्य नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, क्योंकि रसोई का बजट सामान्य परिवारों की पहुंच से बाहर हो रहा है।
वहीं, स्थानीय युवक अमित ने कहा कि सरकार ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन यह वादा पूरी तरह पूरा होता नहीं दिख रहा। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में सीमित अवसर हैं, इसलिए निजी क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। अमित का कहना है कि हिमाचल में बेरोजगारी अब सबसे गंभीर मुद्दों में शामिल हो चुकी है, जिसके समाधान के लिए ठोस योजना बनाकर इसे मिशन मोड में लागू करने की आवश्यकता है।अमित ने राज्य में पिछले वर्षों में आई प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अवैध निर्माण इसका एक बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित और नियमों के विपरीत हो रहा निर्माण प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुंचा रहा है। सरकार को ऐसे निर्माणों पर कठोर कार्रवाई कर पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देनी चाहिए।
शिक्षा क्षेत्र में सरकार की सराहना
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश गौतम ने शिक्षा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीतियों के चलते हिमाचल क्वालिटी एजुकेशन के मामले में देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हुआ है। राजेश गौतम ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को अलग करने के फैसले को भी सराहनीय बताया और कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम आने वाले वर्षों में दिखाई देंगे।
प्रदेश में सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर जहां कई लोग विकासात्मक कार्यों की प्रशंसा कर रहे हैं, वहीं आम जनता उम्मीद कर रही है कि रोजगार, महंगाई और सड़कें जैसे बुनियादी मुद्दों पर आने वाले समय में सरकार अधिक ठोस कदम उठाएगी।