Mandi, Dharamveer-:मंडी शहर के बिंद्रावणी क्षेत्र में देर रात बड़ा हादसा पेश आया, जहां नेशनल हाईवे निर्माण में लगी पाइलिंग मशीन ब्यास नदी में पलट गई। हादसे में मशीन ऑपरेटर तेज बहाव में बह गया और उसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। SDRF की टीम घटनास्थल पर लगातार राहत व खोज अभियान में जुटी हुई है।
नदी पर बनी अस्थाई पुलिया को पार करते हुए पेश आया हादसा
यह घटना मंडी शहर से लगभग 3 किलोमीटर दूर उस स्थान पर हुई है, जहां मंडी–पठानकोट नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट के अंतर्गत पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। हादसे में लापता हुए मशीन ऑपरेटर की पहचान बिहार निवासी 21 वर्षीय तनवीर आलम पुत्र मोहम्मद गुलाम गोस के रूप में की गई है।जानकारी के अनुसार, बीती रात पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने के कारण ब्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। जिला प्रशासन और बीबीएमबी प्रबंधन द्वारा पहले ही चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कंपनी ने कार्य बंद नहीं किया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रात करीब समय निर्माण कंपनी की ओर से नदी पर बनाई गई अस्थायी पुलिया के सहारे कुल तीन मशीनों को नदी पार करवाया जा रहा था। इनमें से दो मशीनें सुरक्षित निकल गईं, लेकिन तीसरी पाइलिंग (बोरिंग) मशीन बढ़े हुए जलस्तर और तेज धारा के कारण अस्थिर होकर अचानक नदी में पलट गई।मशीन पलटने के दौरान ऑपरेटर तनवीर आलम मशीन से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तेज बहाव में फंसा और देखते ही देखते नदी की धारा में बह गया।
रात भर तलाशी अभियान जारी रखा
हादसे की सूचना मिलते ही मंडी सदर थाना पुलिस और SDRF यूनिट मंडी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रात भर तलाशी अभियान जारी रखा।SDRF की 11 सदस्यीय टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि पूरी टीम नदी के विभिन्न हिस्सों में लगातार खोजबीन कर रही है। पानी के तेज बहाव और रात के अंधेरे के कारण खोज अभियान प्रभावित हुआ, लेकिन सुबह होते ही सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। अभी तक तनवीर का कोई पता नहीं चल पाया है।पानी छोड़े जाने की चेतावनी के बाद भी कंपनी ने बंद नहीं किया था यहां निर्माण कार्य
इस घटना ने निर्माण कंपनी पर लापरवाही के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी के बावजूद काम जारी रखना और बढ़े हुए जलस्तर के बीच मशीनों को नदी पार करवाना बड़ा जोखिम था। इससे पहले भी दो मशीनें इसी अस्थायी पुलिया से सुरक्षित निकाली गई थीं, लेकिन बढ़ते पानी ने तीसरी मशीन को संतुलन बनाने का मौका नहीं दिया।हादसे के बाद स्थानीय लोगों और मजदूरों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने कंपनी से जवाबदेही तय करने की बात कही है, जबकि SDRF और पुलिस टीमें ऑपरेटर की तलाश में हर संभव प्रयास कर रही हैं।