Summer express, सोनीपत | सोनीपत में मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस में गहरी अंदरूनी कलह सामने आ गई है। पार्टी के अधिकृत मेयर प्रत्याशी कमल दिवान ने चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
कमल दिवान ने टिकट वितरण प्रक्रिया और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि दागी और बागी नेताओं को टिकट दिए जाने की कोशिश की जा रही है, जिसका वह विरोध करते हैं। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने चुनाव मैदान से हटने का फैसला लिया है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के भीतर एक गुट ऐसे छह पार्षद प्रत्याशियों को टिकट दिलाने के पक्ष में है, जिन्होंने पहले उपचुनाव में पार्टी के खिलाफ काम किया था। वहीं कमल दिवान इन उम्मीदवारों को टिकट देने का विरोध कर रहे हैं और इसी बात पर वे अड़े हुए हैं।
बताया जा रहा है कि नाराजगी के चलते कमल दिवान ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा और चुनाव प्रभारी बीके हरिप्रसाद के फोन कॉल्स का जवाब देना भी बंद कर दिया है। इससे पार्टी नेतृत्व की चिंता और बढ़ गई है।
हालात को संभालने के लिए कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उन्हें मनाने की कोशिशों में जुटे हैं। पार्टी स्तर पर लगातार बातचीत का दौर चल रहा है और नेताओं को समझाने के लिए उनके पास भेजा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले को लेकर आगे की रणनीति तय करने के लिए अंबाला में शीर्ष नेतृत्व के साथ कमल दिवान की बैठक प्रस्तावित है। इसी बैठक के बाद यह साफ होगा कि वे अपना फैसला वापस लेते हैं या चुनाव से पूरी तरह दूरी बनाए रखते हैं।