Summer express/शिमला,23 अप्रैल – हिमाचल प्रदेश की राजधानी में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने महिला जन आक्रोश पदयात्रा का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखे हमले बोले और उसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया।
कार्यक्रम में हिमाचल भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल का समर्थन न करके कांग्रेस ने देश की करोड़ों महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी देने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध कर महिलाओं की पीठ में छुरा घोंपने जैसा काम किया।
डॉ. बिंदल ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोका गया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर महिलाओं के वाहनों को रोका गया और चालान किए गए, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने इस कार्रवाई को निंदनीय बताते हुए प्रदेश सरकार को महिला विरोधी करार दिया।उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल सहित पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ माहौल बन चुका है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी। उनके अनुसार, यदि महिला आरक्षण बिल लागू होता, तो हिमाचल प्रदेश से 30 से 35 महिलाएं विधानसभा तक पहुंच सकती थीं, लेकिन कांग्रेस ने इस अवसर को बाधित किया।
वहीं शिमला से भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने भी कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1996 से लेकर अब तक विपक्ष ने महिलाओं को अधिकार देने के मुद्दे पर हमेशा टालमटोल की राजनीति की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी महिलाओं को सशक्त बनाने की बात आती है, विपक्षी दल बाधा उत्पन्न करते हैं।
सुरेश कश्यप ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध करना और उसके असफल होने पर खुशी जाहिर करना महिलाओं का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2027 में हिमाचल प्रदेश में महिला शक्ति निर्णायक भूमिका निभाएगी और वर्तमान कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर कर देगी। भाजपा नेताओं ने भरोसा जताया कि महिलाओं का समर्थन उन्हें भविष्य में मजबूत राजनीतिक आधार प्रदान करेगा।इस पदयात्रा के माध्यम से भाजपा ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की कि वह महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के मुद्दे पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जबकि कांग्रेस पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं।