Shimla, 20 November-:हिमाचल प्रदेश इस वर्ष भी नवंबर माह में गंभीर सूखे की स्थिति का सामना कर रहा है। लगातार दूसरे साल बारिश न के बराबर रही है, जिससे जलस्रोतों, कृषि, बागवानी और पेयजल व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है। प्रदेश में इस नवंबर तक सामान्य से लगभग 90 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 99 प्रतिशत तक कमी रही थी। वर्ष 2021 में भी बारिश सामान्य से 95 प्रतिशत कम हुई थी। बारिश में इस निरंतर गिरावट को देखते हुए सूखे का दायरा और अधिक बढ़ने की चेतावनी दी जा रही है।
प्रदेशभर में तापमान की स्थिति
राज्य के कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। शिमला में 8.6, सुंदरनगर में 4.7, भुंतर में 4.6, कल्पा में 1.8, धर्मशाला में 7.5 और ऊना में 8.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। केलांग और कुकुमसेरी जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान क्रमशः -1.1 और -3.0 डिग्री तक पहुंच गया है। अधिकतम तापमान की बात करें तो ऊना में 27.0, हमीरपुर में 26.3, नाहन में 26.6 और शिमला में 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मौसम फिलहाल साफ, कुछ इलाकों में तापमान और गिरेगा
कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ऊंचे क्षेत्रों में पानी जमना शुरू हो चुका है। मनाली-लेह मार्ग, शिंकुला दर्रा और कुंजुम दर्रा में ब्लैक आइस बनने से वाहन चलाना बेहद जोखिम भरा हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 26 नवंबर तक प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, लेकिन ऊंचाई व मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट संभव है।
रोहतांग दर्रा पर्यटकों के लिए बंद
कड़ाके की ठंड, बर्फ जमने और दुर्घटनाओं के खतरे को देखते हुए रोहतांग दर्रे को पर्यटकों के लिए आधिकारिक रूप से बंद कर दिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार ग्रांफू से रोहतांग और जिंगजिंगबार से सरचू तक वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अब पर्यटकों को रोहतांग पहुंचने के लिए लगभग छह महीने इंतजार करना होगा। हालांकि, अटल टनल रोहतांग होकर कोकसर, सिस्सू, यांगला, केलांग, जिस्पा और दारचा तक पर्यटकों की आवाजाही जारी रहेगी।