Dharamshala, Rahul-:24 नवंबर का दिन हिमाचल के खेल इतिहास में एक गौरवपूर्ण क्षण बन गया, जब भारतीय महिला कबड्डी टीम वर्ल्ड कप जीतकर धर्मशाला के गग्गल एयरपोर्ट पहुंची। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों का ढोल-नगाड़ों, फूलमालाओं और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्थानीय खेल प्रेमियों, बच्चों और युवा खिलाड़ियों ने टीम की सदस्य भावना ठाकुर और उपकप्तान पुष्पा राणा के साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्साह दिखाया।
मीडिया से बातचीत में खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट के रोमांचक पलों और कठिन मुकाबलों को याद किया। उन्होंने बताया कि महिला कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 की मेजबानी ढाका, बांग्लादेश में हुई, जहां भारत ने लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर इतिहास रचा। भारतीय टीम ने फाइनल में चीनी ताइपे को 35–28 से हराकर अपना दबदबा कायम किया। उन्होंने कोरिया, केन्या, ईरान और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ लीग स्टेज में बेहतरीन रेड और दमदार डिफेंस के दम पर जीत दर्ज की।
सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने पारंपरिक रूप से मजबूत ईरान को हराकर फाइनल में जगह बनाई, जिसे खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट का सबसे चुनौतीपूर्ण मुकाबला बताया। हिमाचल की बेटी भावना ठाकुर ने ऑलराउंडर के रूप में उत्कृष्ट खेल दिखाया और कई अहम मौकों पर रेड व टैकल के जरिए टीम को मजबूती दी। भावना ने कहा कि हर मैच दबाव भरा था, लेकिन टीम की एकजुटता और कोचिंग स्टाफ का भरोसा उन्हें बेहतर खेल प्रस्तुत करने की प्रेरणा देता रहा।भावना ने ढाका में भारतीय तिरंगा लहरते देखे भावुक पलों को याद करते हुए कहा कि फाइनल जीतने के बाद राष्ट्रीय ध्वज के साथ मैदान का लैप ऑफ ऑनर लेना उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण था। उन्होंने हिमाचल की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने का आह्वान किया और कहा कि मेहनत व अनुशासन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है।
उपकप्तान पुष्पा राणा ने बताया कि वर्ल्ड कप की तैयारी के दौरान राष्ट्रीय शिविर में फिटनेस और डिफेंस पर खास जोर दिया गया। उनका कहना था कि शुरुआती मैचों में मिली बड़ी जीतों से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा, जबकि नॉकआउट स्टेज में खिलाड़ियों ने धैर्य और रणनीति के साथ खेल दिखाया। पुष्पा ने खुलासा किया कि फाइनल से पहले पूरी टीम ने चीनी ताइपे की खेल रणनीति का वीडियो एनालिसिस कर विशेष प्लान तैयार किया, जिसका लाभ दूसरे हाफ में मिला।पुष्पा राणा ने भारत में महिला कबड्डी लीग शुरू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि अधिक प्रतिभाओं को मंच मिल सके। दोनों खिलाड़ियों ने राज्य और केंद्र सरकार से महिला खिलाड़ियों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार अवसर और प्रोत्साहन योजनाएं मजबूत करने की अपील की।भारतीय टीम की यह उपलब्धि न केवल देश के लिए बल्कि हिमाचल प्रदेश के लिए भी गर्व का क्षण बनकर दर्ज हो गई है।