अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती के वेंकटपालेम में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर विस्तार परियोजना की आधारशिला रखी। तिरुमाला मंदिर की तर्ज पर तैयार होने वाली इस भव्य परियोजना पर 260 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि मंदिर का निर्माण ढाई साल में पूरा कर लिया जाएगा।
दो चरणों में विकसित होगा भव्य मंदिर परिसर
परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा—
- पहला चरण: 140 करोड़ रुपये
इसमें सात मंजिला महा राजगोपुरम, मंदिर प्राकार (दीवार), अडाला मंडप, रथ मंडप, अंजनेय स्वामी मंदिर, पुष्करिणी (पवित्र कुंड), और तराशे हुए पत्थरों से फर्श का निर्माण शामिल है। - दूसरा चरण: 120 करोड़ रुपये
इस चरण में तीर्थयात्रियों के लिए सड़कें, अन्नदान परिसर, विश्राम गृह, पुजारियों और कर्मचारियों के आवास, प्रशासनिक भवन, ध्यान केंद्र तथा विशाल पार्किंग क्षेत्र का निर्माण किया जाएगा।
“अमरावती बनेगी आध्यात्मिक राजधानी” : मुख्यमंत्री नायडू
आधारशिला कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान वेंकटेश्वर की कृपा से अमरावती न केवल राज्य की राजधानी बनी, बल्कि आने वाले समय में यह आध्यात्मिक राजधानी के रूप में भी विकसित होगी। उन्होंने बताया कि 2019 में कृष्णा नदी तट पर मंदिर निर्माण के लिए 25 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी।
नायडू ने कहा, “मैं भगवान का अनादर कभी नहीं करूंगा और न किसी को करने दूंगा। अमरावती देवताओं की राजधानी है और हम इसे विश्वस्तरीय आध्यात्मिक केंद्र बनाएंगे।”
सभी राज्यों में बनेगा श्री वेंकटेश्वर मंदिर
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार देशभर के विभिन्न राज्यों में भी श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिरों की स्थापना करेगी। उन्होंने मुंबई में मंदिर निर्माण के लिए रेमंड ग्रुप की ओर से दिए गए 100 करोड़ रुपये के दान का उल्लेख करते हुए धन्यवाद भी व्यक्त किया।
किसानों की समस्याओं का भी किया जिक्र
सीएम ने पूर्व सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार ने अमरावती परियोजना की प्रगति को बाधित किया और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी सरकार विकास और धार्मिक विरासत—दोनों को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाएगी।