पंचकूला | हरियाणा सरकार ने खेल अवसंरचना सुधार को लेकर कड़ा कदम उठाया है। राज्यभर के कंडम स्टेडियमों में अब किसी भी खेल गतिविधि या अभ्यास की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह निर्णय हाल ही में दो खिलाड़ियों की दर्दनाक मौतों के बाद खेल संरचना की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
राज्यमंत्री खेल गौरव गौतम ने बताया कि प्रदेशभर के स्टेडियमों और खेल परिसरों के सुधार और पुनर्विकास के लिए 114 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। जिला खेल परिषदों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र के स्टेडियमों और मैदानों के कायाकल्प में प्राथमिकता दें। गौतम ने कहा, “तीन महीनों में मैदानों की स्थिति में स्पष्ट बदलाव दिखाई देगा।”
सरकारी निर्देशों के अनुसार, सभी स्टेडियमों का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा और उन्हें चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा:
- ए ग्रेड: उत्कृष्ट एवं अभ्यास योग्य
- बी ग्रेड: सामान्य, खेलने योग्य
- सी ग्रेड: मरम्मत के बाद उपयोग योग्य
- डी ग्रेड: पूरी तरह बंद, खिलाड़ियों के लिए प्रतिबंधित
खेल राज्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी पंचायत, नगर पालिका, नगर परिषद और हुडा के अंतर्गत आने वाले स्टेडियमों और खेल मैदानों की संयुक्त जांच करने का आदेश भी दिया। जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिला खेल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, फर्जी खेल नर्सरियों पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। गौतम ने कहा कि वह स्वयं प्रगति रिपोर्ट की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे ताकि किसी भी ढिलाई की गुंजाइश न रहे। बैठक में निदेशक संजीव वर्मा, अतिरिक्त निदेशक अश्वनी मलिक तथा जोन और जिले के अधिकारी उपस्थित रहे।
इस योजना के पूरा होने के बाद हरियाणा के स्टेडियमों में खेल संरचना की गुणवत्ता में सुधार होगा और खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित खेल वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।