Dharamshala, Rahul-:पोंग बांध विस्थापितों की समस्याओं के स्थायी और त्वरित समाधान को लेकर राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में आज उपायुक्त कार्यालय के सभागार में राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में पोंग बांध विस्थापितों की शासी निकाय की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन, देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर और नॉन-ऑफिशियल सदस्यों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्व मंत्री ने बताया कि पोंग बांध विस्थापितों का मामला वर्षों से लंबित है और राज्य सरकार इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2024 में हुई पिछली बैठक के बाद कई नीतिगत निर्णयों पर प्रभावी प्रगति हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका लाभ विस्थापित परिवारों तक पहुंच रहा है।नेगी ने बताया कि कुल 16,352 पात्र विस्थापितों में से 9,905 परिवारों को राजस्थान में भूमि आवंटित की जा चुकी है। बाकी परिवारों के लिए आवंटन की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों के सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने तथा राजस्थान सरकार द्वारा कुछ प्रक्रियाओं की धीमी रफ्तार के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। हिमाचल प्रदेश सरकार राजस्थान से लगातार समन्वय बढ़ा रही है और अधिकारियों को नियमित रूप से साइट निरीक्षण तथा लंबित कार्यों के समाधान के लिए भेजा जा रहा है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से अनुरोध किया जाएगा कि हिमाचल और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की संयुक्त उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करवाई जाए, ताकि भूमि आवंटन, न्यायालयीय प्रकरण, सर्वेक्षण, मुआवजा और पट्टा संबंधी मुद्दों का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।
नेगी ने डैम सेफ्टी एक्ट और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत बाढ़ की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए पोंग बांध क्षेत्र में वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया। इस संबंध में जलशक्ति विभाग के मुख्य अभियंता (योजना) की अध्यक्षता में एक विशेष तकनीकी समिति गठित की जाएगी, जो विस्तृत फ्लड सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।इसके बाद राजस्व मंत्री ने पोड़ा निधि की बैठक की अध्यक्षता की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि घर की मरम्मत और विवाह सहायता हेतु इस निधि का अधिकतम लाभ पात्र विस्थापितों तक पहुंचाया जाए।बैठक में अतिरिक्त सचिव (राजस्व) बलवान चंद, उपायुक्त कांगड़ा हेम राज बैरवा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।