अमृतसर | पंजाब की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक मीडिया इंटरव्यू में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर सनसनीखेज आरोप लगाए। कैप्टन ने दावा किया कि 2018 में मुख्यमंत्री रहते हुए राहुल गांधी ने उन पर दबाव डाला कि एक मंत्री को कैबिनेट से हटाया जाए। जब कैप्टन ने ऐसा करने से इनकार किया, तो राहुल ने ट्वीट करने की धमकी दी।
कैप्टन ने बताया कि यह मामला तत्कालीन मंत्री राणा गुरजीत सिंह से जुड़ा था, जो उस समय माइनिंग विभाग संभाल रहे थे और वर्तमान में कपूरथला से कांग्रेस विधायक हैं। कैप्टन ने कहा कि बिना ठोस सबूत के मंत्री को बर्खास्त करना राजनीतिक रूप से गलत संदेश देता, जिससे पार्टी की छवि प्रभावित होती। अंततः मंत्री ने हाईकमान की इच्छा के अनुसार इस्तीफा सौंप दिया।
इसी इंटरव्यू में कैप्टन ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (एस.ए.डी.) के गठबंधन को राज्य में सत्ता हासिल करने का एकमात्र विकल्प बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा का ग्रामीण पंजाब में आधार कमजोर है, जबकि अकाली दल का सिख समुदाय और ग्रामीण इलाकों में व्यापक प्रभाव है। कैप्टन ने जोर देकर कहा कि बिना मजबूत गठबंधन के 2027 या 2032 तक सत्ता हासिल करना मुश्किल है।
कैप्टन ने पंजाब की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों का भी विश्लेषण किया और कहा कि वे स्वयं स्वस्थ और सक्रिय हैं तथा राज्य के हित में हमेशा प्रतिबद्ध रहेंगे। उनके इन बयानों ने राज्य की राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा-अकाली दल गठबंधन पर कैप्टन का आह्वान आगामी चुनाव रणनीति के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इस खुलासे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।