चंडीगढ़। हरियाणा के जींद जिले के नरवाना सिविल अस्पताल की मोर्चरी में मृतक शव चूहों द्वारा कुतरे जाने की मीडिया रिपोर्ट पर नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस घटना को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए कहा कि यदि रिपोर्ट में वर्णित तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह मानव गरिमा और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
NHRC ने हरियाणा के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर पूरी रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि यह घटना मोर्चरी की लापरवाही और अस्पताल व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है।
अस्पताल प्रशासन का बयान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने दावा किया कि मोर्चरी के फ्रीजर की मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी को शिकायत भेजी गई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल चूहों को फ्रीजर में प्रवेश से रोकने के लिए जाली लगाई गई है, जिसे अस्थायी उपाय माना गया है।
NHRC की प्रतिक्रिया
आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाएं मानव गरिमा के लिए खतरा हैं और राज्य सरकार को अस्पताल व्यवस्थाओं में सुधार और जांच सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाना चाहिए। NHRC ने कहा कि मोर्चरी और अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही मानवाधिकारों का उल्लंघन मानी जाएगी, यदि मामले की जांच में रिपोर्ट में वर्णित तथ्य सही पाए जाते हैं।