Dharamshala, Rahul-:‘राधे-राधे’ और ‘नमस्ते’ को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़े विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह जब अपनी “बेटियों” से मिलने गए थे, तो उन्होंने सिर्फ यह जानना चाहा कि वे ‘राधे-राधे’ शब्द का अर्थ समझकर बोल रही हैं या केवल रटकर। उन्होंने कहा कि बच्चों से पूछा गया था कि वे इसका मतलब जानते हैं या नहीं, और बातचीत का आशय केवल यह देखने से था कि बच्चे शब्दों को समझें भी। लेकिन विपक्ष ने इसे अनावश्यक विवाद में बदल दिया।
मुख्यमंत्री सुखू ने कहा कि उनके परिवार में पीढ़ियों से सनातन धर्म का पालन होता आया है। उन्होंने याद दिलाया कि जब रामलला विराजमान हुए थे, तब न दिल्ली में भाजपा की सरकार थी और न ही हिमाचल में। उस समय उन्होंने आधे दिन की नहीं, बल्कि पूरे दिन की छुट्टी की घोषणा की थी। “कन्या पूजन, गोवर्धन पूजा—यह सब हमारे संस्कार हैं और बचपन से हमारा हिस्सा रहे हैं।
सुखू ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह सनातन धर्म को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का अर्थ सेवा, अच्छे कर्म और जरूरतमंदों की मदद है, न कि धर्म को वोट बैंक की राजनीति में बदलना। “बीजेपी को सनातन की राजनीति करने का अधिकार नहीं है। यह हमारे कर्म, हमारी नीयत और सेवा भाव से जुड़ा है, न कि राजनीतिक भाषणों से।मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर यह कहते हुए भी तीखा हमला बोला कि भाजपा के पास अब कोई मुद्दा शेष नहीं रहा। “मैं किसी के घर खाना खाने जाऊं तो वीडियो बनाते हैं, बच्चों से मिलने जाऊं तो भी वीडियो बना देते हैं। विधानसभा में बोलने को कुछ नहीं बचा, इसलिए ऐसी छोटी बातों को विवाद बनाया जा रहा है,” उन्होंने आरोप लगाया।
सुखू ने पूर्व भाजपा सरकार पर बड़ी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि 4500 बीघा जमीन मात्र एक करोड़ 22 लाख रुपये में कस्टमाइज पैकेज के नाम पर दे दी गई, जबकि इसकी कीमत पांच हजार करोड़ रुपये तक हो सकती थी। “यह प्रदेश की संपत्ति थी, किसी सरकार की निजी जागीर नहीं,”।उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार जनता की संपत्ति और संसाधनों की रक्षा करने तथा विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। “हम पांच साल की जिम्मेदारी लेकर आए हैं। जनता फैसला करेगी। लेकिन जो लोग प्रदेश की संपदा लुटाते रहे हैं, वे आज धर्म की राजनीति कर रहे हैं—इसी में उनका असली मुद्दा छिपा है,” मुख्यमंत्री ने कहा।