भिवानी I हुमायूंपुर के अंतरराष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टर रोहित धनखड़ हत्या मामले में भिवानी पुलिस ने तिगड़ाना गांव के तीन युवकों — संजय उर्फ संजू, बिल्लू उर्फ जितेंद्र और रोहित उर्फ मोटा — को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मंगलवार को आरोपियों को अदालत में पेश करेगी और रिमांड की मांग करेगी।
सेल्फी लेने के दौरान कहासुनी से शुरू हुआ विवाद
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शादी समारोह के दौरान बरात के पहुंचने पर वे सेल्फी ले रहे थे। तभी रोहित ने उनसे अनुरोध किया कि “साइड में होकर फोटो ले लें।” इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई और मामला बढ़ गया। पुलिस का कहना है कि महिलाओं पर फब्तियां कसने का आरोप अभी जांच में साबित नहीं हुआ।
घटना का पूरा घटनाक्रम
हुमायूंपुर निवासी कप्तान सिंह ने बताया कि भतीजा रोहित धनखड़ पैरा पावरलिफ्टिंग का नामी खिलाड़ी था—
- छह बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया,
- तीन बार नेशनल चैंपियन बना,
- और एक बार दुबई में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
27 नवंबर को रोहित अपने मित्र जतिन (गांव बौंद कलां) के साथ रेवाड़ी खेड़ा गांव में एक शादी में शामिल होने गया था। वहाँ बरातियों से उसका झगड़ा हो गया था।
शादी समारोह के बाद दोनों कार से बौंद कलां लौट रहे थे। इसी दौरान चार कारों में सवार बरातियों ने उनका पीछा किया। रास्ते में रेलवे फाटक बंद होने पर कार रुक गई और इसी दौरान आरोपियों ने हॉकी, डंडे और बिंडे से हमला कर रोहित को गंभीर रूप से घायल कर दिया। जतिन किसी तरह कार लेकर मौके से भाग निकला।
दो दिन बाद अस्पताल में तोड़ा दम
जतिन ने घायल रोहित को भिवानी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से उसे रोहतक के निजी अस्पताल और फिर PGI में रेफर किया गया। इलाज के दौरान शनिवार दोपहर रोहित ने दम तोड़ दिया।
परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
रोहित के चाचा कप्तान सिंह ने बताया कि परिवार की जिम्मेदारी रोहित के कंधों पर थी। 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी उसे सम्मानित कर चुके थे। वह सेक्टर-4 स्थित जिमखाना क्लब में खुद अभ्यास करता था और बच्चों को प्रशिक्षण देकर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता था।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर मामले की गहराई से जांच कर रही है।