सिरसा I 75 करोड़ रुपये के धान घोटाले में गिरफ्तार राइस मिलर संदीप सिंगला का पुलिस रिमांड सोमवार को समाप्त हो रहा है। रिमांड अवधि के दौरान एसआईटी ने आरोपी से विस्तृत पूछताछ की, जिसमें उसने घोटाले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, जांच टीम ने अब तक इन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी कमलदीप गोयल सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।
सरकारी कर्मचारियों के नाम सामने आने के बाद पुलिस जांच की दिशा और तेज हो गई है। आरोपी को बिहार में निशानदेही करवाकर लौटने के बाद एसपी स्वयं सीआईए-वन पहुंचकर जांच की प्रगति की जानकारी ले चुके हैं। माना जा रहा है कि एसआईटी आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां कर सकती है। वहीं, आरोपी की पत्नी अब भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
घोटाले का खुलासा सात राइस मिलों में गबन सामने आने के बाद हुआ। इसके चलते हैफेड और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को मिलों में बचे धान के खराब होने की आशंका सताने लगी है। दोनों विभागों ने अदालत में याचिका दायर कर अनुरोध किया है कि बचे हुए धान को तुरंत उठाने और उसे नजदीकी राइस मिलों में शिफ्ट करने की अनुमति दी जाए, ताकि समय रहते उसकी कुटाई करवाई जा सके। कुटाई पूरी होने के बाद ही तैयार चावल एफसीआई को भेजा जा सकेगा।
इस संबंध में सुनवाई पहले 26 नवंबर को होनी थी, लेकिन इसके बाद तारीख लगातार आगे बढ़ती गई। अब मामले में 8 दिसंबर को अदालत में सुनवाई होगी, जिसके बाद स्पष्ट होगा कि धान किस एजेंसी को सुपुर्द किया जाएगा। विभागों का कहना है कि धान को देर से उठाने पर उसके खराब होने की आशंका बढ़ जाएगी, इसलिए अदालत में तत्काल निर्णय की मांग की गई है। सोमवार को इस पर अदालत आदेश जारी कर सकती है।