बठिंडा | पंजाब का बठिंडा रेलवे स्टेशन सुरक्षा के लिहाज से गंभीर रूप से असुरक्षित हो गया है। स्टेशन पर सुरक्षा ढीली है, मेटल डिटेक्टर महीनों से बंद पड़े हैं, और साधु के वेश में घूमने वाले लुटेरे खुलेआम सक्रिय हैं। यात्रियों की शिकायतों के अनुसार मोबाइल चोरी, लूटपाट, सरकारी संपत्ति की हानि और कोयला तस्करी जैसी घटनाएं आम हो गई हैं।
मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमी
यात्री बता रहे हैं कि स्टेशन के प्रवेश द्वार पर लगे मेटल डिटेक्टर सिर्फ दिखावे के लिए हैं। कोई भी व्यक्ति बिना जांच कराए सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ बदमाश साधु या फकीर के रूप में घूमते हुए यात्रियों को निशाना बनाते हैं।
मोबाइल और संपत्ति चोरी की घटनाएं बढ़ीं
भीड़ का फायदा उठाकर ये गिरोह यात्रियों के मोबाइल, पर्स और बैग चोरी कर जाते हैं। पिछले छह महीनों में 25 से अधिक मोबाइल चोरी के मामले दर्ज हुए, लेकिन जी.आर.पी. ने केवल 9 एफ.आई.आर. दर्ज की हैं। यात्रियों की शिकायतें न होने और पुलिस की कार्रवाई कम होने के कारण चोर बेखौफ हैं।
कोयला तस्करी और सरकारी संपत्ति को नुकसान
स्टेशन यार्ड में ट्रेनों से कोयला उतराकर स्थानीय गिरोह बैगों में भरकर ले जाता है। रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि कुछ ठेकेदारों की इसमें मिलीभगत की आशंका है। रेलवे की संपत्ति को हुए नुकसान का आंकड़ा लाखों रुपये में बताया जा रहा है।
सी.सी.टी.वी. और प्लेटफॉर्म सुरक्षा में चूक
स्टेशन पर लगे लगभग 40 सी.सी.टी.वी. कैमरों में से 12 कैमरे खराब हैं। कई प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर और वेटिंग हॉल के आसपास ‘ब्लाइंड स्पॉट’ हैं, जहां चोर आसानी से वारदात को अंजाम देकर निकल जाते हैं। यात्रियों में भय है और वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
पुलिस और आर.पी.एफ. के बीच समन्वय की कमी
स्टेशन सुरक्षा की जिम्मेदारी जी.आर.पी. और आर.पी.एफ. दोनों पर है, लेकिन दोनों के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है। रात में गश्त बेहद कम होती है, जिससे शरारती तत्वों को खुली छूट मिलती है।
यात्रियों की मांग और समाधान
यात्रियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मेटल डिटेक्टर तुरंत चालू किए जाएं, खराब सी.सी.टी.वी. को बदलें, रात की गश्त बढ़ाई जाए और साधु व फकीर के भेष में घूमने वालों की कड़ी जांच हो। इसके साथ ही कोयला चोरी रोकने के लिए विशेष निगरानी जरूरी है। यात्रियों ने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो बड़े हादसे को टाला नहीं जा सकता।