नई दिल्ली | रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हाल ही में भारत की दो दिवसीय यात्रा ने वैश्विक स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित किया। इस दौरे के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने कार में एक साथ यात्रा की और एक यादगार सेल्फी भी ली, जिसे बाद में अंतरराष्ट्रीय मीडिया और विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत के रूप में देखा।
अमेरिकी प्रतिनिधि ने सेल्फी को कूटनीतिक संदेश बताया
अमेरिका की प्रतिनिधि सिडनी कामलागर-डोव ने इस सेल्फी को केवल एक तस्वीर नहीं बल्कि “हजारों शब्द कहती कहानी” बताया। उन्होंने कहा कि यह तस्वीर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की भारत के प्रति दबाव डालने वाली नीतियों के प्रभावों को उजागर करती है। कामलागर-डोव ने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच बढ़ते संबंधों ने अमेरिका-भारत साझेदारी पर असर डाला है, और अब इसे संतुलित करने के लिए अमेरिका को अधिक काम करने की आवश्यकता है।
ट्रेड और इमिग्रेशन पर अमेरिकी चिंता
अमेरिकी प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल ने कार्यक्रम में भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों और पीपल-टू-पीपल कनेक्शन पर असर डालने वाले मुद्दों पर चिंता जताई। उन्होंने विशेष रूप से टैरिफ और इमिग्रेशन नीतियों का उल्लेख किया, जो दोनों देशों के व्यापारिक और उपभोक्ता हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। जयपाल ने कहा कि अमेरिका की ओर से लगाए गए उच्च टैरिफ भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं और दोनों देशों को इन मुद्दों पर मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
पुतिन के दौरे के निहितार्थ
पुतिन के दौरे को लेकर चीन ने सकारात्मक रुख अपनाया है, जबकि भारत और बांग्लादेश समेत अन्य पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक गतिविधियां भी सुर्खियों में रही। दौरे के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की, और कार में यात्रा सहित अन्य औपचारिक कार्यक्रमों ने दोनों देशों के संबंधों को और मजबूती दी।
ट्रंप की नीतियों से व्यापारिक तनाव
अमेरिका ने अगस्त 2025 में भारत से आयातित अधिकांश सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिसका कारण बड़े ट्रेड विवाद और भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने की चिंताएं थीं। इस नए टैरिफ और चेतावनी ने पहले से ही तनावपूर्ण वार्ता में नई अनिश्चितता जोड़ दी है, जिससे भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक टकराव का खतरा बढ़ गया है।