नई दिल्ली। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती के बाद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को हल्की तेजी के साथ ट्रेडिंग शुरू की। हालांकि, फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के हॉकिश रुख ने निवेशकों की उम्मीदों पर थोड़ा पानी फेर दिया। निफ्टी 13 अंक की मामूली बढ़त के साथ तो सेंसेक्स 65 पॉइंट ऊपर खुला, लेकिन बाजार में उत्साह की कमी साफ नजर आई।
फेड ने दरें घटाईं, फिर भी निवेशक उत्साहित नहीं
फेडरल रिजर्व ने लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कमी का ऐलान किया है। अब अमेरिकी फेडरल फंड्स रेट 3.5% से 3.75% के दायरे में आ गया है, जो तीन वर्षों में सबसे निचला स्तर है। हालांकि, पॉवेल ने साफ कहा कि महंगाई पर दबाव बनाए रखने के लिए कड़ा रुख जारी रहेगा।
पॉवेल के मुताबिक, टैरिफ का असर घटने के साथ अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है, लेकिन मौद्रिक नीति में ढील देने के लिए अभी इंतजार करना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि रोजगार बाज़ार को स्थिर रखने के लिए उठाए कदम पर्याप्त हैं, जबकि ब्याज दरें फिलहाल ऐसे स्तर पर हैं कि महंगाई को काबू में रखा जा सके।
फेड की 2026 की नीति पर भी बरकरार है सतर्कता
फेड अधिकारियों ने 2026 में केवल एक और बार दरों में कटौती की संभावनाओं को दोहराया है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी आर्थिक विकास के पूर्वानुमान में हल्का सुधार भी किया है। इस हॉकिश संकेत ने वैश्विक बाजारों में सतर्कता बढ़ा दी है।
Nifty50 के टॉप गेनर और लूजर
शुरुआती कारोबार में निफ्टी50 के 29 शेयर हरे निशान में थे, जबकि 20 स्टॉक्स गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे।
टॉप गेनर:
- टाटा स्टील
- इंफोसिस
- आइशर मोटर्स
- विप्रो
- हिंडाल्को
टॉप लूजर:
- टाइटन
- पावरग्रिड
- एचडीएफसी लाइफ
- भारती एयरटेल
- इंडिगो
मंदी रुख ने तोड़ी बाजार की उम्मीदें
हालांकि ब्याज दरों में कटौती बाज़ार के लिए राहत माना जाता है, लेकिन फेड के कड़े रुख ने वैश्विक और भारतीय बाजारों में उत्साह कम कर दिया है। निवेशक अब आगे की पॉलिसी के संकेतों और आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि अगले कदम का अंदाजा लगाया जा सके।