महिलाओं की जागरूकता से नशा तस्करों को चुनौती
Bilaspur, Subhash-:बिलासपुर जिले की सदर विधानसभा क्षेत्र के लघट गांव में नशे के बढ़ते खतरे के खिलाफ अब गांव की महिलाएं एकजुट होकर आगे आई हैं। चिट्टा और हेरोइन जैसे खतरनाक नशों की गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से महिला मंडल लघट ने गांव में रात्रि निगरानी व्यवस्था शुरू की है।इस पहल का मकसद नशा तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखना और युवाओं को नशे के जाल में फंसने से बचाना है।
लघट गांव में शुरू हुई सामूहिक रात्रि पहरेदारी
महिलाओं का कहना है कि देर रात गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही अचानक बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर नशा तस्कर गांव के युवाओं और स्कूली बच्चों को बहकाने की कोशिश करते हैं। लघट गांव बैरी रजादियां और बरमाणा पंचायत को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित है। बरमाणा औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां दिन-रात वाहनों का आवागमन बना रहता है, जिससे नशा माफिया को अपनी सप्लाई चेन चलाने का मौका मिल जाता है।ग्रामीण महिलाओं के अनुसार हाल ही में बने लिंक रोड पर रात के समय सन्नाटा छा जाता है। इसी सुनसान माहौल का इस्तेमाल नशे की तस्करी के लिए किया जा रहा था। बीते कुछ समय में युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाने की घटनाएं सामने आने के बाद महिला मंडल ने संगठित होकर रात्रि पहरा देने का निर्णय लिया।महिला मंडल की इस मुहिम को गांववासियों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। कई पुरुष ग्रामीण भी रात के समय महिलाओं के साथ पहरेदारी कर रहे हैं, जबकि अन्य लोग गांव में आने-जाने वालों पर नजर रखकर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत महिला मंडल या पुलिस को दे रहे हैं।
महिला मंडल की प्रधान पिंकी शर्मा ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति गांव या आसपास नजर आता है तो उसे रोका जाएगा और तुरंत पुलिस को सूचित किया जाएगा। उनका कहना है कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में प्रशासन के साथ-साथ समाज की जागरूक भागीदारी ही सबसे बड़ा हथियार है।