Dharamshala, Rahul chawla-:अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने धर्मशाला दौरे के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि देश में मौजूदा सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर आम जनता के अधिकार छीने जा रहे हैं। उनके अनुसार, लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश लगातार की जा रही है, जिसका खामियाजा देश के गरीब, किसान और मजदूर वर्ग को भुगतना पड़ रहा है।
अलका लांबा ने मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह योजना कांग्रेस पार्टी की देन है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत को रोजगार देना, पलायन रोकना और गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद से ही मनरेगा को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। अब केंद्र सरकार यह कह रही है कि वह मनरेगा के कुल खर्च का केवल 60 प्रतिशत ही वहन करेगी, जिससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और योजना की प्रभावशीलता कम होगी।उन्होंने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने की कोशिश सिर्फ एक नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि यह गांधी की विचारधारा को खत्म करने का प्रयास है। अलका लांबा ने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा ने पहले महात्मा गांधी को खत्म किया और अब उनके नाम से जुड़ी योजनाओं को समाप्त करने की सोच रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांधी की विचारधारा को किसी भी कीमत पर खत्म नहीं किया जा सकता।
भाजपा द्वारा राहुल गांधी पर की जा रही टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए अलका लांबा ने कहा कि राहुल गांधी का डर पूरी भाजपा में साफ दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जब भी गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों की आवाज उठाते हैं, तब भाजपा उन्हें निशाना बनाती है। आयकर विभाग और ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर उन्हें डराने की कोशिश की गई, लेकिन दस वर्षों में भी सरकार उनके खिलाफ कुछ साबित नहीं कर पाई। अदालतों ने भी कई मामलों में यह साफ किया है कि आरोपों में कोई दम नहीं है, जो केंद्र सरकार की बदले की राजनीति को उजागर करता है।
अग्निपथ भर्ती योजना पर बोलते हुए अलका लांबा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस योजना का विरोध इसलिए कर रही है क्योंकि यह युवाओं और श्रमिकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों के हित में फैसले ले रही है और आम लोगों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है।दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के मुद्दे पर भी अलका लांबा ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है, जहां भाजपा की डबल ही नहीं बल्कि ट्रिपल और चार इंजन की सरकार है, इसके बावजूद प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए कोई ठोस नीति या विजन नजर नहीं आता। दिल्ली की हवा जहरीली हो चुकी है, लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में लाल किले में हुए आतंकी हमले और वायु प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार इन सवालों से बचती रही। इसका खामियाजा दिल्ली की लगभग तीन करोड़ जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोग प्रदूषण से बचने के लिए पहाड़ी राज्यों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन यह किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।