Mandi, Dharamveer-:छोटी काशी मंडी में आयोजित होने वाला विश्वविख्यात सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव वर्ष 2026 में एक विशेष पहचान के साथ मनाया जाएगा। 16 से 22 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में मंडी शहर के 500 वर्षों की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को प्रमुख रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। वर्ष 2027 में मंडी की स्थापना के 500 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, इसी कड़ी में महोत्सव को स्वर्णिम अतीत से जोड़ते हुए विशेष रूप दिया जाएगा। यह निर्णय अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव समिति की पहली आम सभा की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन एवं धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने की।
देवी-देवताओं की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा
चंद्रशेखर ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में हाल ही में आई आपदाओं और मंडी जिले को हुए भारी नुकसान को देखते हुए इस बार सांस्कृतिक संध्याओं में किसी भी बाहरी या महंगे कलाकार को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर हिमाचल प्रदेश के स्थानीय कलाकारों को अपनी कला और संस्कृति प्रदर्शित करने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के आगमन और ठहराव को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं और देव परंपराओं की गरिमा बनी रहे।
इसके साथ ही महोत्सव के दौरान चिट्टे जैसे घातक नशे के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा सके। स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए सफाई कर्मियों को सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया है। समिति का उद्देश्य है कि शिवरात्रि महोत्सव न केवल धार्मिक उत्सव बने, बल्कि सामाजिक सरोकारों का भी मजबूत मंच साबित हो।