चंडीगढ़ | केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को ब्यास नदी में डी-सिल्टिंग (गाद हटाने) प्रोजेक्ट की मंजूरी फिलहाल नहीं दी है। जानकारी के अनुसार, इस बड़े परियोजना पर रोक घड़ियालों की सुरक्षा और रामसर साइट के दर्जे के कारण लगी हुई है।
ब्यास नदी के किनारे लगभग 230 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में डी-सिल्टिंग का प्रस्ताव है। इसमें कुल 58 चिन्हित साइटों में से 28 पर नदी में जमी गाद और रेत हटाना बेहद जरूरी माना गया है। इससे बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है और मानसून के दौरान पानी की निकासी सुनिश्चित हो सकेगी।
हालांकि, इन क्षेत्रों में घड़ियाल पाए जाते हैं, इसलिए केंद्र सरकार ने अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं दी। नियमों के अनुसार प्राकृतिक जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है, जिससे डी-सिल्टिंग प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगी हुई है।
पंजाब सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार जानबूझकर राज्य की अर्जी पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। राज्य ने मांग की है कि घड़ियालों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की अनुमति दी जाए, ताकि डी-सिल्टिंग का काम समय पर शुरू किया जा सके और टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा सके।
प्रशासन के अनुसार, डी-सिल्टिंग का मुख्य उद्देश्य नदी की जल वहन क्षमता बढ़ाना और बाढ़ का खतरा कम करना है। आधुनिक मशीनों से चरणबद्ध तरीके से गाद हटाने की योजना बनाई गई है ताकि मानसून में पानी की निकासी बाधित न हो।