Mandi- सरकाघाट उपमंडल की पटड़ीघाट पंचायत के 21 वर्षीय युवक मृदुल शर्मा ने आज सुबह कलखर के पास हुए बस हादसे में अपने अदम्य साहस, मानवता और शिक्षा के प्रति समर्पण का परिचय देकर सभी का दिल जीत लिया। हादसे में खुद घायल होने के बावजूद मृदुल ने पहले अन्य घायलों को बस से बाहर निकाला, फिर पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी और अंत में टैक्सी करके सुंदरनगर जाकर बीसीए अंतिम वर्ष का न्यूमेरिकल मैथ का पेपर भी दिया।
हादसा सुबह करीब आठ बजे हुआ, जब कुठेड़ा से मंडी जा रही एक निजी बस अनियंत्रित होकर कलखर के पास गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई जबकि बस में सवार 19 अन्य लोग घायल हुए। मृदुल उन घायलों में शामिल था। उसकी दाहिनी टांग में चोट आई है।हादसे के वक्त मृदुल ने न केवल अपना संयम बनाए रखा, बल्कि तुरंत टूटी खिड़की से निकलने का रास्ता बनाया और धीरे-धीरे अन्य सवारियों को बाहर निकाला। फिर एक अन्य घायल का मोबाइल लेकर पुलिस और एंबुलेंस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद अपने परिवार और गांववालों को भी सूचना दी, जिन्होंने मिलकर घायलों को सड़क तक पहुंचाया।हादसे के बाद मृदुल पहले अपने घर गया, फटी हुई ड्रेस बदली और टैक्सी लेकर सुंदरनगर रवाना हो गया। सुबह 9 बजे से 12 बजे तक कॉलेज में परीक्षा दी और फिर सीधे अस्पताल जाकर अपनी टांग का उपचार करवाया।
इस अद्वितीय साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए डीएसपी सरकाघाट संजीव गौतम ने भी मृदुल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने कठिन समय में भी मृदुल ने जो निर्णय लिए, वह प्रेरणादायक हैं।मृदुल शर्मा पन्यारटू गांव का रहने वाला है। उसके पिता खेम चंद आईटीआई में प्रशिक्षक हैं और माता नरिता देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान है।
संजीव गौतम, डीएसपी सरकाघाट
“हादसे के वक्त मृदुल खुद घायल था, लेकिन उसने साहस और सूझबूझ से बाकी सवारियों की मदद की और फिर पेपर भी दिया, ये काबिले तारीफ है।”