सिरसा। ऐलनाबाद क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय पैरा-एथलीट ज्योति को शुक्रवार को नई दिल्ली में वर्ष 2025 का प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार सौंपा।
ज्योति को खेल क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियों, अदम्य साहस और प्रेरणादायक संघर्ष के लिए चुना गया। जन्म से एक पैर छोटा होने के बावजूद, उन्होंने कभी अपनी शारीरिक चुनौती को कमजोरी नहीं बनने दिया और निरंतर मेहनत के दम पर पैरा-एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बनाई।
जवाहर नवोदय विद्यालय, ओढां की छात्रा ज्योति ने बचपन से ही खेलों में रुचि दिखाई। कृत्रिम पैर की सहायता से उन्होंने प्रशिक्षण शुरू किया और धीरे-धीरे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी योग्यता साबित की।
खेल करियर की मुख्य उपलब्धियां:
- अप्रैल 2022 में दिव्यांग खिलाड़ियों के विशेष प्रशिक्षण शिविर में चयन।
- 2023 में रोहतक राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शाटपुट और जैवलिन थ्रो में स्वर्ण।
- गुजरात राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स में शाटपुट में स्वर्ण और जैवलिन में रजत।
- दिसंबर 2023 में थाईलैंड अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जैवलिन और शाटपुट में रजत।
- 2024 में बेंगलुरु राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शाटपुट और डिस्कस थ्रो में रजत।
- 2024 में थाईलैंड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैवलिन में स्वर्ण और डिस्कस में रजत।
अब ज्योति 2025 में दुबई में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटी हैं। उनकी अब तक की उपलब्धियों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 12 से अधिक पदक, शाटपुट, डिस्कस थ्रो और जैवलिन थ्रो में लगातार सफलता शामिल है।
ज्योति के पिता विजयपाल, जो ड्राइविंग का काम करते हैं, का कहना है कि बेटी की पहली स्वर्ण सफलता के बाद ही उन्हें भरोसा हो गया था कि ज्योति भविष्य में और भी बड़ी ऊँचाइयों को छूएगी।