Shimla, Sanju-शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में मरीज से मारपीट के मामले को लेकर प्रदेश में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। सरकार द्वारा संबंधित डॉक्टर को बर्खास्त किए जाने के फैसले का रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है।इसी क्रम में आज आईजीएमसी के रेजिडेंट डॉक्टर एक दिन की अवकाश पर रहे और अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से डॉक्टर की बर्खास्तगी के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और दोबारा जांच होनी चाहिए। इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि रेजिडेंट डॉक्टर संगठन ने मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा था, जिसे स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने आज उन्हें बुलाया और सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।नरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों की बात गंभीरता से सुनी है और उन्हें आश्वासन दिया गया है कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। यदि मामले में दोबारा जांच की आवश्यकता महसूस की जाती है, तो सरकार उस पर भी विचार करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर संवेदनशील है और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
प्रधान मीडिया सलाहकार ने बताया कि प्रदेश सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। नए डॉक्टरों की भर्ती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जहां रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से मरीजों का सफल ऑपरेशन किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 1700 करोड़ रुपये की लागत से नई मशीनरी खरीदी जा रही है, जबकि 20 से 22 साल पुरानी मशीनों को बदला जा रहा है।
भाजपा का काम केवल आलोचना करना
इस दौरान नरेश चौहान ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा का काम केवल आलोचना करना रह गया है, जबकि व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों पर विपक्ष चुप है। चाहे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो, शिक्षा क्षेत्र में बदलाव हों या प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लिए गए कड़े फैसले—इन सभी पर विपक्ष कुछ नहीं बोलता। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है और इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।