भिवाड़ी | राजस्थान के भिवाड़ी से लापता हुई दो नाबालिग बच्चियां पंजाब के अमृतसर से महज 24 घंटे में सकुशल बरामद कर ली गईं। पुलिस ने तत्परता और तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए 2,500 किलोमीटर का सफर तय कर बच्चियों को सुरक्षित भिवाड़ी लाया और उन्हें सीडब्ल्यूसी अलवर के समक्ष पेश किया।
घटना का विवरण
भिवाड़ी की आशियाना तरंग और कजारिया ग्रीन सोसायटी की रहने वाली दोनों बच्चियां 27 दिसंबर को ट्यूशन के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वहां नहीं पहुंची। घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी सचिन शर्मा के नेतृत्व में भिवाड़ी पुलिस, सीडीटी सर्किल और डीएसटी की तीन संयुक्त विशेष टीमों का गठन किया गया।
पुलिस ने लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली व पंजाब के विभिन्न जिलों में लगातार जांच की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में बच्चियां भिवाड़ी बस डिपो की ओर जाती हुई दिखाई दी। इस इनपुट के आधार पर पुलिस टीमों को पंजाब रवाना किया गया।
टेक्नोलॉजी और मुखबिर तंत्र की भूमिका
साइबर सेल की 24 घंटे की तकनीकी सहायता, मुखबिर तंत्र से मिली सूचनाएं और भिवाड़ी कंट्रोल रूम द्वारा अन्य राज्यों की पुलिस से निरंतर समन्वय ने रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाया। इस प्रयास में स्थानीय नागरिकों और परिजनों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा, जिससे अफवाहों से बचाव हुआ और सामाजिक समरसता बनी रही।
पुलिस का संदेश
भिवाड़ी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने बच्चों के स्कूल, कॉलेज, ट्यूशन और सोशल मीडिया संपर्कों पर नजर रखें। बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और उन्हें सही-गलत की समझ विकसित करने में मार्गदर्शन दें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
तकनीकी कार्रवाई और समन्वय
पुलिस ने संयुक्त टीमों और आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि बच्चियों तक सुरक्षित पहुँच सुनिश्चित हो। इस मिशन में भिवाड़ी एसपी प्रशांत किरण के दिशा-निर्देशों का विशेष योगदान रहा।