पंचकूला | जिले में लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। उपायुक्त सतपाल शर्मा ने जिलावासियों से शीत-घात से बचाव के लिए सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
उपायुक्त ने कहा कि मौजूदा मौसम परिस्थितियों में थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने नागरिकों से मौसम पूर्वानुमान की जानकारी रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से लेते रहने की सलाह दी। साथ ही सर्दियों के लिए पर्याप्त गर्म कपड़ों का प्रबंध करने और घर में ठंडी हवा के प्रवेश को रोकने के लिए दरवाजे व खिड़कियां ठीक से बंद रखने को कहा।
उन्होंने बताया कि ठंड में लंबे समय तक संपर्क में रहने से फ्लू, नाक बहना और अन्य बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में किसी भी तरह की परेशानी होने पर स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों या डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। जितना संभव हो घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश या अत्यधिक ठंड के सीधे संपर्क से बचें।
उपायुक्त ने गर्म कपड़े पहनने, तंग कपड़ों से परहेज करने और शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ और पैरों को अच्छी तरह ढककर रखने की सलाह दी। उन्होंने दस्ताने, टोपी और मफलर के उपयोग पर जोर देते हुए स्वास्थ्यवर्धक भोजन करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन-सी युक्त फल और सब्जियां खाने तथा गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीने की भी सलाह दी गई है।
उन्होंने बुजुर्गों, नवजात शिशुओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने का आह्वान किया। साथ ही अकेले रहने वाले बुजुर्ग पड़ोसियों का हालचाल लेने की अपील की। रूम हीटर का उपयोग सावधानी से करने और पर्याप्त वेंटिलेशन रखने पर भी जोर दिया गया। बंद कमरे में कोयला जलाने को खतरनाक बताते हुए इससे बचने की चेतावनी दी गई।
उपायुक्त ने पशुपालकों से भी शीतलहर के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में पशुओं को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसलिए उन्हें पर्याप्त भोजन दिया जाए। रात के समय पशुओं के आवास को चारों ओर से ढकने, सूखे भूसे जैसी बिस्तर सामग्री डालने और ठंडी हवाओं से बचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।