Hamirpur, Arvind-:हमीरपुर जिला के गांव रहजोल में जन्मी पांच माह की मासूम बच्ची आराध्या राणा के लिए जननी-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम किसी वरदान से कम नहीं साबित हुआ। जन्म के समय ही आराध्या के दिल में एक छोटा छेद पाया गया था, जिसे चिकित्सकीय भाषा में जन्मजात हृदय रोग कहा जाता है। समय रहते ऑपरेशन न होने की स्थिति में यह समस्या गंभीर रूप ले सकती थी। इस तरह का ऑपरेशन अत्यंत महंगा होता है, जिसे वहन करना सामान्य परिवारों के लिए आसान नहीं होता।
आराध्या के माता-पिता की आर्थिक स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत जननी-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बच्ची के मुफ्त इलाज की प्रक्रिया शुरू की।जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री के निर्देशन में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं और बच्ची को डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हमीरपुर से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 11 जुलाई को जन्मी आराध्या का पीजीआई चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया।यह पूरा ऑपरेशन और इलाज जननी-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत पूरी तरह निशुल्क किया गया है। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है और वह अब स्वस्थ है।डॉ. चौधरी ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि जन्म के बाद एक वर्ष तक की आयु के दौरान यदि किसी शिशु को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होती है, तो जननी-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत उसका इलाज और बड़े से बड़ा ऑपरेशन भी मुफ्त किया जाता है। इसके लिए अभिभावकों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से संपर्क करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं के जीवन की सुरक्षा के उद्देश्य से शुरू किया गया जननी-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम अब तक अनेक जरूरतमंद परिवारों के लिए संजीवनी साबित हुआ है। विशेष रूप से गंभीर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे शिशुओं के लिए यह योजना आशा की एक मजबूत किरण बनकर सामने आई है।