ईरान | ईरान में गहराते आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन अब और उग्र रूप ले चुके हैं। पश्चिमी ईरान के लोरेस्तान प्रांत में हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक सरकारी इमारत में घुसने की कोशिश की। इस दौरान हुई झड़पों में रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक स्वयंसेवक सदस्य की मौत हो गई, जिसकी पुष्टि ईरानी अधिकारियों ने की है।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ के अनुसार, पश्चिमी प्रांत में खराब आर्थिक हालात के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान ‘बासिज फोर्स’ का 21 वर्षीय स्वयंसेवक मारा गया। यह सुरक्षा बलों में पहली मौत बताई जा रही है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि सरकार अब प्रदर्शनों के खिलाफ और सख्त रुख अपना सकती है।
बासिज संगठन से जुड़े ‘स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क’ ने लोरेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर सईद पौराली के हवाले से बताया कि इस मौत के लिए प्रदर्शनकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। पौराली के अनुसार, “लोक-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान रिवोल्यूशनरी गार्ड का सदस्य शहीद हुआ।” उन्होंने यह भी बताया कि हिंसक झड़पों में बासिज के 13 अन्य सदस्य और कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
हालांकि राजधानी तेहरान में प्रदर्शन फिलहाल धीमे पड़ते नजर आ रहे हैं, लेकिन अन्य प्रांतों में यह आंदोलन फैलता जा रहा है। ये प्रदर्शन तेहरान से करीब 400 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम स्थित कौहदाश्त शहर में भी देखे गए।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ये विरोध-प्रदर्शन आर्थिक संकट, महंगाई और आजीविका से जुड़ी चिंताओं की अभिव्यक्ति हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के नेतृत्व वाली सरकार स्थिति को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रही है, ताकि हालात और बिगड़ने से रोके जा सकें।