पंचकूला। हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद पद से हटाए गए पूर्व पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर और रोहतक के तत्कालीन एसपी नरेंद्र बिजरानिया को एक बार फिर अहम जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। सरकार ने शत्रुजीत कपूर को हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया है, जबकि नरेंद्र बिजरानिया को करनाल जिले का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।
वाई पूरन कुमार आत्महत्या प्रकरण के बाद शत्रुजीत कपूर को डीजीपी पद से हटाया गया था। उस समय दलित समाज में रोष को देखते हुए उन्हें लंबे अवकाश पर भेजा गया था। दो माह का अवकाश पूरा करने के बाद कपूर 14 दिसंबर को ड्यूटी पर लौट आए थे। अब सरकार ने उन्हें पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी देकर पुनः प्रशासनिक भूमिका सौंपी है।
गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक पद के लिए यूपीएससी द्वारा जिन तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल स्वीकृत किया गया था, उसमें शत्रुजीत कपूर का नाम शीर्ष पर था। हालांकि, अगस्त 2025 में उनका दो वर्षीय कार्यकाल पूरा हो जाने के कारण सरकार ने पैनल में दूसरे स्थान पर रहे अजय सिंघल को डीजीपी नियुक्त किया।
इसी मामले में रोहतक के एसपी पद से हटाए गए नरेंद्र बिजरानिया की भी वापसी हो गई है। 11 अक्टूबर को उन्हें पद से हटाया गया था, लेकिन लगभग पौने तीन महीने बाद अब उन्हें करनाल एसपी के रूप में प्राइम पोस्टिंग दी गई है। वाई पूरन कुमार के सुसाइड नोट में 15 मौजूदा और सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम थे, लेकिन कार्रवाई केवल कपूर और बिजरानिया तक सीमित रही।
वाई पूरन कुमार के परिजनों और दलित संगठनों ने बिजरानिया के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी अभी तक इस मामले की जांच पूरी नहीं कर सकी है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रतीक्षारत अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों के वेतन और भत्तों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा, क्योंकि न तो उन्हें निलंबित किया गया था और न ही उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी।