चंडीगढ़ | एडीजीपी वाई पूरण कुमार के कथित आत्महत्या मामले की जांच में चंडीगढ़ पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने रविवार को रोहतक पुलिस के दो अधिकारियों और शिकायतकर्ता शराब ठेकेदार से लंबी पूछताछ की। एसआईटी ने अर्बन एस्टेट थाने के डीएसपी गुलाब सिंह, तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज कुमार और शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल से करीब 10 घंटे तक सवाल-जवाब किए।
यह पूछताछ 29 दिसंबर को चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई और रात 12 बजे तक चली। जांच टीम ने पहले तीनों से एक साथ और बाद में अलग-अलग पूछताछ की। इसके बाद तीनों के बयान दर्ज कर जांच रिकॉर्ड में शामिल कर लिए गए।
गौरतलब है कि छह अक्तूबर 2025 को रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में एडीजीपी वाई पूरण कुमार के गनमैन रहे हवलदार सुशील कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। अगले ही दिन आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उसी दिन सात अक्तूबर को एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर आत्महत्या कर ली थी।
एडीजीपी की पत्नी एवं आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके पति पर दबाव बनाने के उद्देश्य से साजिश के तहत गनमैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। उस समय वाई पूरण कुमार के पास सुनारिया पीटीसी के आईजी का अतिरिक्त प्रभार भी था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल ने शिकायत दी थी कि उसे बदमाशों की ओर से रंगदारी की धमकियां मिल रही थीं। आरोप है कि गनमैन सुशील कुमार ने खुद को आईजी का करीबी बताते हुए उससे हर महीने ढाई लाख रुपये की मांग की। इस संबंध में ऑडियो और वीडियो साक्ष्य भी जांच एजेंसियों को सौंपे गए हैं।
एसआईटी ने पूछताछ के दौरान एफआईआर दर्ज करने के आधार, उपलब्ध साक्ष्यों और एडीजीपी की भूमिका को लेकर सवाल किए। पुलिस अधिकारियों ने किसी भी साजिश से इनकार करते हुए कहा कि शिकायत के साथ मिले सबूतों की जांच के बाद ही कार्रवाई की गई। मामले में जांच जारी है और फिलहाल चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है।