हिसार | हरियाणा में नए साल की हल्की बूंदाबांदी किसानों के लिए राहत और उम्मीद की सौगात लेकर आई है। लंबे समय से वातावरण में जमा प्रदूषण के कण बारिश के साथ घुलकर खेतों तक पहुंचे और प्राकृतिक नाइट्रोजन के रूप में फसलों को पोषण मिला। इसका सबसे अधिक लाभ गेहूं, चना, सरसों और जौ की फसलों को हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की वर्षा के दौरान हवा में मौजूद नाइट्रेट और अमोनियम नाइट्रोजन पानी में घुलकर सीधे मिट्टी और पौधों की जड़ों तक पहुंच जाती है। इससे फसलों की हरियाली बढ़ती है, फुटाव संतुलित होता है और दाने की गुणवत्ता में सुधार आता है।
दिसंबर की गर्मी से कमजोर हुई फसल को मिला सहारा
दिसंबर माह में सामान्य से अधिक तापमान के कारण प्रदेश के कई हिस्सों—हिसार, भिवानी और चरखी दादरी—में गेहूं की फसल में समय से पहले ही बालियां फूटने लगी थीं। इससे पौधों की ऊर्जा समय से पहले खर्च होने लगी और उपज पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई थी।
जनवरी की बूंदाबांदी ने न केवल तापमान को संतुलित किया, बल्कि नमी और धूप के बेहतर तालमेल से फसल के विकास को दोबारा सही दिशा में मोड़ दिया। अब पौधों की ऊर्जा दाने की भरावट पर केंद्रित होगी, जिससे उत्पादन बेहतर रहने की संभावना जताई जा रही है।
यूरिया और सिंचाई की जरूरत में कमी
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बूंदाबांदी के बाद गेहूं की फसल में 10 से 15 प्रतिशत तक यूरिया की तात्कालिक जरूरत कम हो सकती है। साथ ही, सिंचित क्षेत्रों में एक सिंचाई की बचत भी संभव है। इससे किसानों की लागत घटेगी और मिट्टी पर रासायनिक उर्वरकों का दबाव कम होगा।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के वरिष्ठ गेहूं विशेषज्ञ डॉ. ओपी बिश्नोई के अनुसार, “हल्की बूंदाबांदी से मिली प्राकृतिक नाइट्रोजन फसल को ताकत देती है। इससे पीलापन कम होगा, दाना भरने की प्रक्रिया बेहतर होगी और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।”
अन्य फसलों को भी फायदा
- गेहूं: फुटाव स्थिर, दाना मजबूत
- सरसों: पत्तियों और फूलों की गुणवत्ता में सुधार
- चना: नाइट्रोजन सपोर्ट से बढ़वार तेज
- जौ: हरियाली बढ़ी, तना मजबूत
ठंड में इजाफा, कोहरे का अलर्ट
हल्की बारिश के बाद प्रदेश में दिन और रात के तापमान का अंतर कम हो गया है। हिसार में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच महज 2.5 डिग्री का अंतर दर्ज किया गया, जिससे ठंड का असर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल में घने कोहरे का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू है। नौ जिलों में कोल्ड वेव चलने की संभावना जताई गई है।
नारनौल में रात का तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। बढ़ती ठंड का असर आमजन की दिनचर्या पर भी साफ दिखाई दे रहा है।