असंध | धान खरीद सीजन समाप्त होने के बाद करनाल जिले की असंध और कुंजपुरा अनाज मंडियों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि दोनों मंडियों में 46.04 करोड़ रुपये मूल्य के धान की केवल कागजों में बिक्री दिखाकर गबन किया गया।
शिकायत के अनुसार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षकों और कुंजपुरा मंडी के हैफेड प्रबंधक ने आपसी मिलीभगत से कुल 743 फर्जी गेट पास जारी किए। इन गेट पासों के जरिये 150 गाड़ियों से 47 राइस मिलों तक 5,61,401 बैग धान पहुंचाने का रिकॉर्ड दर्शाया गया, जबकि वास्तव में ये गाड़ियां मंडी से बाहर निकली ही नहीं।
ई-खरीद पोर्टल के आंकड़ों में इन गाड़ियों की जीपीएस लोकेशन और तय दूरी शून्य दर्ज है, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है।
जांच शुरू, प्रशासन सतर्क
मामले की शिकायत खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक तक पहुंच चुकी है। उपायुक्त के निर्देश पर एडीसी और संबंधित एजेंसियों के जिला अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। वहीं एसपी के आदेश पर असंध और इंद्री के डीएसपी मामले की पड़ताल कर रहे हैं।
असंध के डीएसपी गौरखपाल राणा और इंद्री के डीएसपी सतीश गौतम ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और गेट पास, वाहन रिकॉर्ड व जीपीएस डेटा की गहन जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
आरोपों से इनकार, तकनीकी खामी का दावा
जिन निरीक्षकों और हैफेड प्रबंधक पर आरोप लगाए गए हैं, उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए जीपीएस डेटा न मिलने को तकनीकी खामी करार दिया है।
ग्रामीण की शिकायत से खुला मामला
गांव खराजपुर निवासी विकास शर्मा ने इस फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि अक्तूबर और नवंबर में धान खरीद के दौरान अधिकारियों ने मिलीभगत कर कई गाड़ियों के फर्जी गेट पास तैयार किए। उनका दावा है कि यदि उच्चस्तरीय जांच कराई गई तो यह घोटाला और भी बड़े स्तर पर सामने आ सकता है।
असंध मंडी: 39.24 करोड़ रुपये के धान में गड़बड़ी का आरोप
असंध अनाज मंडी से जुड़ी 72 पन्नों की विस्तृत शिकायत में बताया गया है कि डीएफएससी द्वारा 32 राइस मिलों को 17,15,555 बैग धान भेजने का रिकॉर्ड दिखाया गया। इसके लिए 2,217 एग्जिट गेट पास जारी हुए और 175 गाड़ियों के इस्तेमाल का दावा किया गया।
हालांकि ई-खरीद पोर्टल के अनुसार 112 गाड़ियों के 570 चक्कर हुए ही नहीं। इन फर्जी चक्करों में 4,41,781 बैग धान का गबन हुआ, जो 1,65,677 क्विंटल बैठता है। एमएसपी 2,370 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से इसकी कीमत लगभग 39.24 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कुंजपुरा मंडी: डीएफएससी की 18 गाड़ियों से 3.43 करोड़ का फर्जीवाड़ा
कुंजपुरा मंडी में डीएफएससी की 18 गाड़ियों के 119 फर्जी गेट पास जारी किए गए। इन गेट पासों के जरिए 83,633 बैग धान आठ राइस मिलों तक पहुंचाने का दावा किया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 3.43 करोड़ रुपये बताई गई है।
हैफेड पर भी गंभीर आरोप
कुंजपुरा मंडी में हैफेड द्वारा की गई खरीद पर भी सवाल उठे हैं। हैफेड के प्रबंधक पर 3.37 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। शिकायत के अनुसार, हैफेड ने 54 गेट पास जारी किए, जिनमें 20 गाड़ियों के फर्जी चक्कर दिखाए गए। इन गाड़ियों से 35,982 बैग धान सात राइस मिलों तक पहुंचाने का दावा किया गया, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं हुआ।