नई दिल्ली। दिग्गज एफएमसीजी कंपनी आईटीसी (ITC) के शेयरों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र भी तेज बिकवाली देखने को मिली। सरकार द्वारा सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लगाने के फैसले के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई, जिससे कंपनी के शेयर दो दिनों में करीब 14 प्रतिशत तक टूट गए।
इस गिरावट के चलते ITC का बाजार पूंजीकरण लगभग 72,000 करोड़ रुपये घट गया है। इसका सीधा असर बड़े संस्थागत निवेशकों पर पड़ा है, जिसमें सबसे बड़ा नुकसान भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को उठाना पड़ा है।
ITC में हिस्सेदारी के चलते LIC को बड़ा नुकसान
आईटीसी की शेयरहोल्डिंग संरचना पूरी तरह पब्लिक शेयरधारकों के हाथों में है, क्योंकि कंपनी में कोई प्रमोटर नहीं है। LIC ITC की सबसे बड़ी शेयरधारक है, जिसकी कंपनी में 15.86 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
31 दिसंबर को LIC की इस हिस्सेदारी की बाजार कीमत करीब 80,028 करोड़ रुपये थी, जो शेयरों में आई तेज गिरावट के बाद घटकर लगभग 68,560 करोड़ रुपये रह गई। इस तरह केवल दो दिनों में LIC को करीब 11,468 करोड़ रुपये का ‘नोशनल’ नुकसान हुआ है।
52 हफ्ते के निचले स्तर तक फिसला शेयर
2 जनवरी को कारोबार के दौरान ITC का शेयर 52-सप्ताह के नए निचले स्तर 345.25 रुपये तक पहुंच गया था। हालांकि, सत्र के अंत में हल्की रिकवरी देखने को मिली और शेयर 350.10 रुपये पर बंद हुआ।
सरकार के टैक्स फैसले के बाद कई ब्रोकरेज हाउसों ने ITC पर अपनी रेटिंग घटा दी है, जिससे निवेशकों की धारणा और कमजोर हुई है।
अन्य सरकारी बीमा कंपनियों पर भी असर
ITC शेयरों में आई गिरावट का असर केवल LIC तक सीमित नहीं रहा। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC) को करीब 1,254 करोड़ रुपये और न्यू इंडिया एश्योरेंस को लगभग 1,018 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कुल मिलाकर, सरकारी बीमा कंपनियों के पोर्टफोलियो से दो दिनों में करीब 13,740 करोड़ रुपये की वैल्यू घट गई है। हालांकि, यह नुकसान फिलहाल कागजी है, क्योंकि शेयरों की बिक्री नहीं हुई है।
गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ITC के शेयरों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी है। कंपनी की आय और मुनाफे का बड़ा हिस्सा सिगरेट कारोबार से आता है, ऐसे में टैक्स बढ़ने से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है और मांग प्रभावित होने की आशंका है।
इसी चिंता के चलते ITC का शेयर पिछले पांच कारोबारी दिनों में करीब 13 प्रतिशत और बीते छह महीनों में 15 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है।
वैल्यूएशन आकर्षक, लेकिन निवेशक सतर्क
गिरावट के बाद ITC का पी/ई रेशियो घटकर 22.59 पर आ गया है, जो ऐतिहासिक औसत के मुकाबले आकर्षक माना जा रहा है। हालांकि, नीतिगत अनिश्चितता के चलते निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
दिलचस्प बात यह रही कि जहां ITC के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं इसके सबसे बड़े शेयरधारक LIC के शेयरों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली और यह 861 रुपये पर बंद हुआ।