दिल्ली | पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाडी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां वे उपचाराधीन थे। उनके निधन से राजनीतिक और खेल जगत में शोक की लहर है।
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कलमाडी का पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे तक पुणे के एरंडवाने स्थित कलमाडी हाउस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान भूमि में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राजनीति और प्रशासन में लंबा सफर
सुरेश कलमाडी कांग्रेस सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 1995-96 में वह प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव के कार्यकाल में केंद्र सरकार का हिस्सा रहे। उन्होंने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री के रूप में रेल बजट भी प्रस्तुत किया था। राजनीति के साथ-साथ उन्होंने भारतीय खेल प्रशासन में भी अहम भूमिका निभाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया।
एनडीए से वायु सेना तक का सफर
पुणे निवासी सुरेश कलमाडी ने 1960 के दशक की शुरुआत में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में प्रवेश लिया। इसके बाद वह भारतीय वायु सेना में पायलट बने और करीब छह वर्षों तक देश की सेवा की। उन्होंने 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध में भी सक्रिय भूमिका निभाई। वायु सेना से सेवामुक्त होने के बाद वह 1974 तक दो वर्षों तक एनडीए में प्रशिक्षक भी रहे।
संजय गांधी के मार्गदर्शन में राजनीति में प्रवेश
सुरेश कलमाडी को राजनीति में लाने का श्रेय संजय गांधी को जाता है। उस समय वह पुणे में फास्ट फूड आउटलेट का संचालन कर रहे थे। बाद में उन्होंने महाराष्ट्र युवा कांग्रेस का नेतृत्व किया और वर्ष 1982 में राज्यसभा सांसद बने। वर्ष 1996 में वह भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष चुने गए और लगातार दो चार-वर्षीय कार्यकाल तक निर्विरोध इस पद पर बने रहे।
विवादों में भी रहा नाम
कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले के दौरान सुरेश कलमाडी का नाम भी विवादों में आया। वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते उनके आवास पर सीबीआई ने छापेमारी की थी। हालांकि, पिछले वर्ष अदालत ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।