नई दिल्ली। हैदराबाद में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जाति के नाम पर शादी का वादा टूटने से आहत 23 वर्षीय दलित हाउस सर्जन ने आत्महत्या कर ली। सिद्धिपेट जिले के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रही इस युवा डॉक्टर ने 3 जनवरी को हॉस्टल में खुद को जहरीले पदार्थ का इंजेक्शन लगा लिया था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 4 जनवरी की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता का कॉलेज के ही एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर से संपर्क था। आरोपी ने पहले उससे शादी का वादा किया, लेकिन बाद में जाति का हवाला देकर रिश्ता तोड़ दिया। इसी मानसिक आघात और धोखे से युवती गहरे तनाव में चली गई और उसने यह कदम उठाया।
हॉस्टल में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत
जानकारी के मुताबिक, 3 जनवरी को युवती ने सिद्धिपेट मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में हर्बिसाइड का इंजेक्शन लगाया। हालत बिगड़ने पर उसकी रूममेट्स ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। स्थिति गंभीर होने पर उसे हैदराबाद के एक बड़े सरकारी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां लगातार इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
बहन की शिकायत पर आरोपी गिरफ्तार
पीड़िता की बहन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शिकायत में कहा गया कि आरोपी डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर रिश्ता बनाया और बाद में जातिगत कारणों का हवाला देकर पीछे हट गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे जांच जारी है।
मेहनत से बनी थी डॉक्टर
पीड़िता जोगुलंबा-गडवाल जिले के एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखती थी। उसके माता-पिता मजदूरी करते हैं, जबकि बड़ी बहन सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। युवती ने सोशल वेलफेयर स्कूल से पढ़ाई की और वर्ष 2020 में सिद्धिपेट के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला लिया था।
पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी वह आगे रहती थी और इंटर्नशिप के दौरान एक होनहार डॉक्टर के रूप में जानी जाती थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले वर्ष जुलाई में उसकी मुलाकात सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर से हुई थी और दोनों के बीच करीबी संबंध बने। शादी से इनकार के बाद वह मानसिक रूप से टूट गई थी।