मुंबई। भारतीय रुपये की लगातार जारी कमजोरी पर मंगलवार को कुछ हद तक विराम लगा। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे मजबूत होकर 90.12 के स्तर पर पहुंच गया। डॉलर में नरमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.22 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान तेजी दिखाते हुए 90.12 के स्तर तक पहुंच गया। यह पिछले सत्र के मुकाबले 18 पैसे की मजबूती को दर्शाता है। सोमवार को रुपया लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोर रहा था और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते 10 पैसे गिरकर 90.30 पर बंद हुआ था।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत पर शुल्क को लेकर की गई टिप्पणियों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार निकासी और घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी के चलते रुपये की तेजी सीमित रही।
इस बीच, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.04 प्रतिशत बढ़कर 98.21 पर पहुंच गया। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं को कुछ राहत दी।
शेयर बाजार के मोर्चे पर भी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 431.95 अंक गिरकर 85,007.67 पर आ गया, जबकि निफ्टी 105.6 अंक फिसलकर 26,144.70 के स्तर पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61.57 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। वहीं, शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक सोमवार को बिकवाली के मूड में रहे और उन्होंने शुद्ध रूप से 36.25 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों के आधार पर आने वाले दिनों में रुपये की दिशा तय होगी।