नई दिल्ली | एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 की गंभीर दुर्घटना के एक दिन बाद, दिल्ली से कोपेनहेगन जा रही एक अन्य फ्लाइट को उड़ान से ठीक पहले रोकना पड़ा। कारण था– पायलट को अचानक घबराहट का दौरा पड़ जाना। यह घटना उस समय हुई जब विमान रनवे पर टेकऑफ के लिए आगे बढ़ रहा था।
उड़ान से ठीक पहले बदली योजना
रनवे की ओर बढ़ते हुए पायलट ने खुद को असहज महसूस किया और विमान को तुरंत टर्मिनल पर लौटाने का फैसला किया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी गई कि एक क्रू सदस्य की तबीयत खराब हो गई है। इसके बाद पायलट बदला गया और फ्लाइट करीब ढाई घंटे की देरी के बाद कोपेनहेगन के लिए रवाना हुई।
AI 171 हादसे का मानसिक असर
सूत्रों के मुताबिक, यह घटना संभवतः AI 171 विमान हादसे के बाद पैदा हुए मानसिक दबाव का नतीजा हो सकती है। एक सीनियर पायलट ने बताया कि कई पायलट अब भी उस घटना से उबर नहीं पाए हैं। “कुछ को ऐसा लग रहा है कि वे दोबारा कॉकपिट में नहीं जा पाएंगे,” उन्होंने कहा।
एयर इंडिया की ओर से उठाए गए कदम
- एयर इंडिया ने सभी पायलटों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया है।
- “बडी सिस्टम” शुरू किया गया है, जिसमें पायलट आपस में बातचीत कर अपनी चिंताओं को साझा कर सकते हैं।
- जिस पायलट को पैनिक अटैक आया, उसे अब विस्तृत मेडिकल जांच से गुजरना होगा।
हादसे के बाद फ्लाइट्स पर असर
AI 171 हादसे का असर एयर इंडिया की कई उड़ानों पर पड़ा है।
- अब तक कम से कम 7 फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं।
- दिल्ली-पेरिस, अहमदाबाद-लंदन और सैन फ्रांसिस्को-मुंबई जैसी उड़ानें या तो रद्द की गईं या देर से रवाना हुईं।
- हांगकांग से लौट रही एक ड्रीमलाइनर को वापस मोड़ा गया, जबकि फुकेट से उड़ान भर चुकी एक अन्य फ्लाइट को बम की धमकी के चलते रोकना पड़ा।
निगरानी और सुधार की जरूरत
एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं पायलटों की मानसिक स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करती हैं। तनावपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रहे एयरक्रू के लिए उचित मनोवैज्ञानिक समर्थन अनिवार्य हो गया है।