नई दिल्ली | पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए राहत की खबर है। वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही की शुरुआत के साथ सरकार ने पोस्ट ऑफिस की सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब यह है कि निवेशकों को पहले की तरह ही आकर्षक रिटर्न मिलता रहेगा, जिसकी वजह से ये योजनाएं आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
मंथली इनकम स्कीम बनी भरोसेमंद विकल्प
पोस्ट ऑफिस आम नागरिकों के लिए सुरक्षित निवेश के कई विकल्प उपलब्ध कराता है, जिनमें मंथली इनकम स्कीम (MIS) को खास भरोसेमंद माना जाता है। यह योजना उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जो एकमुश्त रकम लगाकर हर महीने निश्चित आय चाहते हैं।
हर महीने तय ब्याज की सुविधा
वर्तमान में पोस्ट ऑफिस की MIS योजना पर 7.4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ब्याज का भुगतान साल के अंत में नहीं, बल्कि हर महीने किया जाता है। इससे निवेशकों को नियमित आय मिलती रहती है और मासिक खर्चों की योजना बनाना आसान हो जाता है।
निवेश की सीमा और नियम
इस स्कीम में खाता खोलने के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये का निवेश जरूरी है। सिंगल अकाउंट के तहत अधिकतम 9 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। वहीं, जॉइंट अकाउंट की सुविधा में तीन लोगों के नाम से खाता खोला जा सकता है, जिसमें अधिकतम 15 लाख रुपये तक निवेश करने की अनुमति है।
एक बार निवेश, पांच साल तक लाभ
MIS योजना में निवेश एकमुश्त किया जाता है और इसकी अवधि पांच साल की होती है। इस दौरान हर महीने ब्याज की राशि सीधे निवेशक के खाते में जमा होती रहती है। मैच्योरिटी पूरी होने पर निवेश की गई मूल राशि वापस मिल जाती है।
यदि कोई निवेशक इस योजना में अधिकतम 9 लाख रुपये जमा करता है, तो उसे हर महीने करीब 5,550 रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त होते हैं। यह राशि सीधे पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है।
सेविंग अकाउंट होना अनिवार्य
मंथली इनकम स्कीम में निवेश करने के लिए पोस्ट ऑफिस में सेविंग अकाउंट होना जरूरी है। जिन निवेशकों का पहले से खाता नहीं है, उन्हें पहले बचत खाता खुलवाना होगा, क्योंकि मासिक ब्याज की रकम इसी खाते में जमा की जाती है।