फरीदाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर प्री-बजट कंसल्टेशन बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य सभी हितधारकों की भागीदारी से संतुलित, समावेशी और जनहितकारी बजट तैयार करना है। सीएम सैनी ने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस “अंतिम व्यक्ति” को ध्यान में रखते हुए ऐसा बजट बनाने पर है, जो विकास के लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाए।
बैठक में फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और फरीदाबाद चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सहित कई औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, निवेश, नवाचार और जनकल्याण का रोडमैप होना चाहिए।
सीएम सैनी ने बताया कि कृषि, उद्योग, आधारभूत ढांचा, परिवहन और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर व्यापक मंथन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से बजट से पहले उद्योग जगत के साथ संवाद की यह परंपरा जारी है, ताकि नीति निर्माण जमीनी जरूरतों के अनुरूप हो सके।
मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष के अनुभव साझा करते हुए बताया कि 2025 में उद्योगपतियों से 226 सुझाव प्राप्त हुए थे, जिनमें से 71 सुझावों को बजट में शामिल किया गया। उन्होंने कहा, “सरकार और उद्योग एक ही विकास यात्रा के दो पहिए हैं, जो 2047 तक विकसित हरियाणा और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेंगे।”
औद्योगिक नीतियों को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए सीएम ने कहा कि फरीदाबाद, पलवल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। भूमि उपलब्धता को सुगम बनाने के लिए ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आगामी 8 से 10 दिनों तक और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। इसके लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है, जिससे उद्योगपति सीधे अपने सुझाव सरकार तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा, उनके देने वालों को बजट दिवस पर हरियाणा विधानसभा में आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योग जगत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार सभी अपेक्षाओं और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए ऐसा “जनता का बजट” पेश करेगी, जो कामगारों, उद्यमियों और आम नागरिकों के हितों को केंद्र में रखेगा।